भूपेंद्र भदौरिया/ग्वालियर – ग्वालियर में स्वास्थ्य विभाग के सिस्टम पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चंदन नगर में रहने वाले अरविंद सविता अपनी पत्नी और बीमार बेटे अभि के साथ मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की है कि एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक्सपायर्ड दवा देने से उनके बेटे की हालत बिगड़ गई और वह अति कुपोषित हो गया।
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इलाज के दौरान एक्सपायर्ड दवा देने का आरोप
अरविंद सविता ने बताया कि उनके बेटे अभि की तबीयत खराब होने पर उन्होंने उसे बहोड़ापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें अपने ही मेडिकल स्टोर से दवा लेने के लिए कहा। जब उन्होंने दवा लाकर बेटे को पिलाई, तो उसकी तबीयत और खराब हो गई। कई महीनों से बच्चा बीमार है।
इस शिकायत के बाद, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने बच्चे को अति कुपोषित मानते हुए तुरंत एंबुलेंस से NRC (न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर) केंद्र में भर्ती कराया, जहाँ उसका इलाज शुरू हो गया है। CMHO ने लापरवाही बरतने वाले अस्पताल के खिलाफ जांच के आदेश भी दिए हैं।
पिता ने लगाया डॉक्टर पर मिलीभगत का आरोप
बच्चे के पिता अरविंद सविता ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, “मैंने डॉक्टर को एक्सपायरी डेट वाली दवा की बोतल सहित सारे सबूत दे दिए थे, लेकिन जांच करने वाले डॉक्टर और मेडिकल स्टोर के संचालक आपस में मिल गए हैं। अब मुझ पर शिकायत वापस लेने का दबाव डाला जा रहा है।”
सचिन श्रीवास्तव, CMHO “बच्चे को अति कुपोषित मानते हुए हमने तुरंत उसे NRC केंद्र में भर्ती करा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, संबंधित अस्पताल और मेडिकल स्टोर के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।”
अरविंद सविता, बीमार बच्चे के पिता “मैंने डॉक्टर को एक्सपायरी दवा के सारे सबूत दिए थे, लेकिन अब वे सब मिलकर मुझ पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। मैं चाहता हूँ कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।”









