AAP vs Central Government : दिल्ली। आम आदमी पार्टी और केंद्र सरकार के बीच विट्ठलभाई पटेल हाउस के किराया विवाद ने तूल पकड़ लिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्र को नोटिस जारी करते हुए दो हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। AAP ने याचिका दायर कर अपने पार्टी कार्यालय के लिए आवंटित डबल सुइट के किराए की मांग और आवंटन रद्द करने के फैसले को चुनौती दी है।
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आम आदमी पार्टी का कहना है कि उन्हें विट्ठलभाई पटेल हाउस में आवंटित ‘डबल सुइट’ का आवंटन 14 सितंबर 2024 से रद्द कर दिया गया, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी 17 जनवरी 2025 को एक पत्र के ज़रिए दी गई। पार्टी का कहना है कि उन्होंने 30 अप्रैल तक वह परिसर खाली कर दिया था, फिर भी प्राधिकरण ने 8 लाख रुपये से अधिक का किराया वसूलने का नोटिस भेज दिया है — जिसमें कब्जा हटाने के बाद का समय भी शामिल है।
AAP vs Central Government AAP की कोर्ट से मांग :
- किराया वसूली के नोटिस पर रोक
- आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया को गलत ठहराना
- बिना सुनवाई या कारण बताओ नोटिस के रद्दीकरण को अवैध बताना
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केंद्र सरकार की दलील : सरकार की ओर से कहा गया कि यह सिर्फ एक नोटिस है, और अगली सुनवाई तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
साथ ही, कार्रवाई सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम के तहत की जाएगी।
AAP vs Central Government मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी।











