Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भंडारा खाकर घर लौट रहे बच्चों के साथ अचानक ऐसा हादसा हो गया, जिससे पूरे गांव में चिंता फैल गई। रास्ते में खेत के पास बच्चों ने रतनजोत का फल खा लिया। इसके कुछ समय बाद एक-एक कर कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी-दस्त, पेट दर्द, चक्कर और घबराहट जैसी शिकायतों के बाद 15 बच्चे प्रभावित हुए हैं। इनमें से 13 बच्चों को ग्वालियर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
भंडारे से लौटते समय खाया फल
यह घटना हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव की है। जानकारी के अनुसार, रविवार 20 सितंबर को गांव के कुछ बच्चे भंडारा खाने के बाद वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में खेत के किनारे लगे रतनजोत के फल पर उनकी नजर पड़ी। बच्चों ने इसे खाने योग्य फल समझकर खा लिया।
फल खाने के बाद बच्चों की तबीयत खराब होने लगी। शुरुआत में उल्टी और पेट दर्द जैसी शिकायतें सामने आईं। इसके बाद कुछ बच्चों को दस्त, घबराहट, चक्कर और कमजोरी की समस्या भी होने लगी। परिजन बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे।
13 बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया
तबीयत बिगड़ने के बाद 13 बच्चों को ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल के बाल रोग विभाग में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में सभी बच्चों का उपचार जारी है। वहीं, दो अन्य बच्चों को भी दवा दी गई है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
प्रभावित बच्चों की उम्र करीब 5 से 15 वर्ष के बीच बताई गई है। हरिओम (15) और सेजल (14) की हालत अधिक गंभीर दिखाई देने पर उन्हें न्यू जेएएच के आईसीयू में शिफ्ट किया गया। इसके अलावा पूजा (11), आरती (9), दीक्षा (12), प्रवीण (10), दिव्या (8), सुमित (8), गौरव (5) और तनु (9) समेत अन्य बच्चों का भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
ड्राई फ्रूट समझकर खा लिया फल
बताया जा रहा है कि बच्चों ने रतनजोत के फल को ड्राई फ्रूट समझ लिया था। इसी वजह से उन्होंने इसे बिना किसी जानकारी के खा लिया। फल खाने के बाद बच्चों में जहरीले असर से जुड़े लक्षण दिखाई देने लगे।डॉक्टरों के अनुसार, रतनजोत का फल जहरीला हो सकता है और इसके सेवन से शरीर में विषैला असर पैदा हो सकता है। प्रभावित बच्चों में उल्टी, दस्त, मितली, पेट दर्द और पानी की कमी जैसे लक्षण देखे गए हैं।
बच्चों पर रखें खास नजर
इस घटना के बाद डॉक्टरों ने माता-पिता और परिजनों से बच्चों को किसी भी अनजान फल, बीज या पौधे का हिस्सा खाने से रोकने की अपील की है। गांवों और खेतों के आसपास कई ऐसे पौधे हो सकते हैं, जिनके फल या बीज देखने में सामान्य लगते हैं, लेकिन उनका सेवन नुकसान पहुंचा सकता है।खास तौर पर छोटे बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि रास्ते में दिखने वाले किसी भी फल या बीज को बिना पहचान और जानकारी के न खाएं। यदि किसी बच्चे ने गलती से कोई अनजान फल या बीज खा लिया है और इसके बाद उल्टी, पेट दर्द, चक्कर या घबराहट जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे जल्द से जल्द चिकित्सकीय सहायता दिलानी चाहिए।
इलाज जारी, गांव में चिंता
घटना के बाद सिरसौद गांव में चिंता का माहौल है। प्रभावित बच्चों का अस्पताल में इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इस घटना ने एक बार फिर बच्चों को अनजान फल और पौधों से दूर रखने की जरूरत को सामने ला दिया है।







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