Mahakal Bhasma Aarti Scam: उज्जैन में बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने की चाह रखने वाले मेरठ के 12 श्रद्धालु कथित ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। श्रद्धालुओं का आरोप है कि सोशल मीडिया और गूगल पर मिले ट्रैवल एजेंसी के संपर्क नंबर के जरिए उनसे भस्म आरती के विशेष पास के नाम पर कुल 30 हजार रुपये लिए गए। भुगतान के बाद उन्हें व्हाट्सऐप पर एक कथित VIP पास भेजा गया, लेकिन उज्जैन पहुंचने पर इसकी हकीकत सामने आ गई।मामले में पीड़ितों ने मेरठ साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। साइबर टीम अब भुगतान और संपर्क से जुड़े विवरण के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
गूगल और सोशल मीडिया से मिला नंबर
मेरठ के पल्लवपुरम निवासी रतन शर्मा के अनुसार, वह अपने परिवार और परिचितों के साथ कुल 12 लोगों को लेकर उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन और भस्म आरती में शामिल होने की योजना बना रहे थे।इसके लिए उन्होंने गूगल और सोशल मीडिया पर ट्रैवल एजेंसियों के विज्ञापन देखे। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद सामने वाले व्यक्ति ने भस्म आरती की व्यवस्था कराने की बात कही और प्रत्येक श्रद्धालु से 2,500 रुपये मांगे।
UPI से भेजे 30 हजार रुपये
पीड़ितों के अनुसार, एजेंट की बात पर भरोसा करते हुए उन्होंने UPI के जरिए 15-15 हजार रुपये की दो किश्तों में कुल 30 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।भुगतान मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति ने व्हाट्सऐप के जरिए एक PDF फाइल भेजी। इसे श्रद्धालुओं को VIP भस्म आरती पास बताया गया। शुरुआत में श्रद्धालुओं को लगा कि उनकी बुकिंग पूरी हो चुकी है।
पास पर रकम देखकर हुआ शक
श्रद्धालुओं ने जब भेजे गए पास को ध्यान से देखा तो उस पर ऑनलाइन भुगतान के तौर पर 30 हजार रुपये का उल्लेख था। इस बात पर उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने एजेंट से सवाल किया कि मंदिर से जुड़े पास पर भुगतान की रकम क्यों लिखी गई है।पीड़ितों के मुताबिक, एजेंट ने उन्हें भरोसा दिलाने की कोशिश की। उसने दावा किया कि मंदिर समिति में उसकी सीधी पहचान है और यात्रियों से लिए गए पैसे का हिसाब रखने के लिए पास पर रकम दर्ज की जाती है। इस जवाब के बाद श्रद्धालुओं ने उसकी बात पर विश्वास कर लिया।
उज्जैन रवाना होने से पहले फोन बंद
उज्जैन जाने से एक-दो दिन पहले श्रद्धालुओं ने व्यवस्था की पुष्टि के लिए एजेंट से संपर्क करने की कोशिश की। इस दौरान उसने फोन उठाना बंद कर दिया। बार-बार संपर्क करने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला तो श्रद्धालुओं को ठगी की आशंका हुई।
इसके बाद वे उज्जैन पहुंचे और मंदिर परिसर में भस्म आरती के पास तथा संबंधित एजेंसी के बारे में जानकारी ली। वहां उन्हें पता चला कि उनके पास कथित तौर पर वैध नहीं था और उनके साथ ठगी की गई थी।
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साइबर सेल में दर्ज कराई शिकायत
मामले के बाद रतन शर्मा ने मेरठ साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर टीम अब पूरे मामले की जांच कर रही है।जांच में UPI लेनदेन, संबंधित मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया खातों की जानकारी खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पैसे किस खाते में भेजे गए और इस संपर्क के पीछे कौन लोग हैं।
फर्जी धार्मिक बुकिंग से सावधान
यह घटना ऑनलाइन धार्मिक सेवाओं और दर्शन की बुकिंग के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर भी सावधानी की जरूरत बताती है। किसी भी धार्मिक आयोजन के लिए पास या बुकिंग कराने से पहले संबंधित मंदिर की आधिकारिक व्यवस्था और अधिकृत माध्यम की जानकारी जांचना जरूरी है।विशेष रूप से सोशल मीडिया विज्ञापन या अनजान मोबाइल नंबर के जरिए भुगतान करने से पहले पूरी जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। किसी व्यक्ति द्वारा निजी खाते में UPI भुगतान मांगने या विशेष पहुंच दिलाने का दावा करने पर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।







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