Indore Students Ki Goonj: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इंदौर में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद मंच पर मौजूद लोगों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी ने कार्यक्रम में मंच पर बुलाए गए कुछ लोगों की कथित राजनीतिक संबद्धता को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बीजेपी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कार्यक्रम के बाद बीजेपी में बेचैनी है और युवाओं का समर्थन राहुल गांधी के साथ है।
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राकेश यादव ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम को गैर-राजनीतिक बताया गया था, लेकिन मंच पर कांग्रेस से जुड़े लोगों को जगह दी गई। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए कार्यक्रम में शामिल छात्रों को लेकर बीजेपी की ओर से किए जा रहे दावों पर सवाल उठाए गए हैं।
कार्यक्रम के मंच को लेकर क्यों उठा विवाद?
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद मंच पर मौजूद लोगों की पहचान और उनके कथित राजनीतिक जुड़ाव को लेकर विवाद शुरू हुआ। बीजेपी का दावा है कि मंच पर ऐसे लोग मौजूद थे, जिन्हें कांग्रेस या उसके संगठनों से जुड़ा बताया जाता है।बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राकेश यादव ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में छात्रों की समस्याएं सुनने के बजाय इसे दिखावे और मनोरंजन का माध्यम बनाया गया। उन्होंने कार्यक्रम के गैर-राजनीतिक होने के दावे पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों पर किया पलटवार
कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बीजेपी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी ने उन छात्रों को भी NSUI और कांग्रेस से जोड़कर प्रचारित किया, जिन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात की थी।वर्मा ने कहा कि देवास से आने वाला एक व्यक्ति ड्राइवर परिवार से ताल्लुक रखता है और देश में बड़ी संख्या में लोग कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हैं। उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति की राहुल गांधी से मुलाकात को केवल उसके राजनीतिक जुड़ाव के आधार पर देखना उचित नहीं है।
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राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर वर्मा का दावा
सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद बीजेपी में बेचैनी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि देश का युवा अपने हितों को लेकर जागरूक हो रहा है।वर्मा ने राहुल गांधी को युवाओं की आवाज बताते हुए कहा कि कार्यक्रम में युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। उन्होंने बीजेपी की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक प्रतिक्रिया बताया।
बीजेपी ने इन लोगों को लेकर उठाए सवाल
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राकेश यादव ने कार्यक्रम में मंच पर मौजूद कुछ लोगों का नाम लेते हुए सवाल उठाए। उनके मुताबिक, उज्जैन की जिला पंचायत सदस्य राधा मालवीय को राहुल गांधी के मंच पर बुलाया गया, जिन्हें बीजेपी कांग्रेस में सक्रिय बताती है।इसके अलावा बीजेपी ने रंजीत को NSUI की राष्ट्रीय कोर कमेटी का सदस्य और तानैय शर्मा को कांग्रेस का पदाधिकारी बताते हुए कार्यक्रम के स्वरूप पर सवाल खड़े किए।हालांकि, इन लोगों की राजनीतिक भूमिका को लेकर बीजेपी की ओर से लगाए गए दावों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया अलग है। दोनों दल इस मुद्दे को अपने-अपने तरीके से पेश कर रहे हैं।
‘पहले से तय लोगों को छात्र बताया गया’—BJP का आरोप
राकेश यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कार्यक्रम को गैर-राजनीतिक बताया था, लेकिन मंच पर पार्टी और संगठन से जुड़े लोगों को बुलाकर इसे राजनीतिक रूप दे दिया।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम में कथित तौर पर पहले से तय लोगों को छात्रों के तौर पर मंच पर पेश किया गया। बीजेपी ने कार्यक्रम में मनोरंजन और कथित तौर पर पहले से तैयार चुटकुलों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए।ये आरोप बीजेपी की ओर से लगाए गए हैं। कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से इन दावों पर अलग से विस्तृत प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है।
OBC मुद्दे पर भी BJP ने उठाया सवाल
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद OBC से जुड़े मुद्दे पर राहुल गांधी के बयान को लेकर भी बीजेपी ने सवाल उठाए।राकेश यादव ने कहा कि संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है और उसका समाधान न्यायालय के आदेश के बाद ही होगा। इस मुद्दे पर भी बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक मतभेद सामने आए हैं।
मंच पर मौजूद लोगों से शुरू हुआ राजनीतिक विवाद
राहुल गांधी के कार्यक्रम के बाद अब विवाद का केंद्र छात्रों से जुड़े मुद्दों के बजाय मंच पर बुलाए गए लोगों की पहचान और उनके कथित राजनीतिक संबंध बन गया है।एक ओर बीजेपी कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और संगठनात्मक सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस इन आरोपों को बीजेपी की प्रतिक्रिया बताते हुए कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी और उनके मुद्दों पर जोर दे रही है। फिलहाल दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।






