कृष्णा नायक/सुकमा। Nishaanebaz.com-PM Awas Yojana Sukma: छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर अंतर्गत सुकमा जिले में राज्य सरकार की प्रभावी पुनर्वास नीति और जनकल्याणकारी योजनाओं के अभिसरण (Convergence) से एक हिंसा पीड़ित परिवार का जीवन पूरी तरह बदल गया है। वर्ष 2006 के भयानक दौर में अपने मुखिया को खोने वाले स्वर्गीय परस्के चंद्री का परिवार अब जर्जर कच्चे झोपड़े की जगह एक सुरक्षित और पक्के आशियाने में जीवन व्यतीत कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई पुनर्वास पहल ने इस परिवार को नया जीवन और आत्मसम्मान प्रदान किया है।
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी 2006 को ग्राम पंचायत दरभागुड़ा के समीप हुए भीषण बम विस्फोट में परस्के चंद्री गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था। घर के मुख्य कमाने वाले सदस्य को खोने के बाद उनका परिवार वर्षों तक भारी आर्थिक अभाव, असुरक्षा और कच्चे जर्जर मकान में कठिन परिस्थितियों से जूझता रहा। वर्षों के इस संघर्ष के बाद कोंटा विकासखंड की ग्राम पंचायत इंजरम में रह रहे इस पीड़ित परिवार को विशेष सर्वेक्षण के तहत चिह्नित कर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ दिया गया।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्वीकृत ₹1.20 लाख की आर्थिक सहायता से परिवार ने अपना पक्का मकान बनाकर तैयार कर लिया है। केवल पक्की छत ही नहीं, बल्कि विभिन्न योजनाओं के अभिसरण के तहत परिवार को स्वच्छ शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा, मकान निर्माण के दौरान अकुशल मजदूरी के मानव दिवस सृजित होने से परिजनों को घर के पास ही रोजगार और सीधी आर्थिक आय का सहारा मिला, जिससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी हुईं।
सालों बाद अपने सुरक्षित पक्के घर में प्रवेश करते हुए परिजनों के चेहरे खिल उठे। भावुक परिजनों ने कहा कि जिस पक्के मकान का सपना उन्होंने देखा था, वह आज हकीकत में तब्दील हो चुका है। यह केवल ईंट-सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि उनके सुरक्षा और खुशहाल भविष्य की नई शुरुआत है। पीड़ित परिवार ने इस मानवीय पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सुकमा जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया है।







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