Rani Durgavati University Jabalpur: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) में परीक्षा के प्रश्नपत्रों को लेकर छात्रों का विरोध तेज हो गया है। बीए एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर के हिंदी विषय का पेपर पाठ्यक्रम से बाहर आने का आरोप लगाते हुए छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि इससे पहले भी राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र के प्रश्नपत्रों को लेकर इसी तरह की शिकायत सामने आ चुकी है।छात्रों के मुताबिक, लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एनएसयूआई प्रभारी अचलनाथ के नेतृत्व में छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि बीए एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर में पहले राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र के प्रश्नपत्रों को लेकर आउट ऑफ सिलेबस होने की शिकायत सामने आई थी।अब छात्रों ने हिंदी के पेपर को लेकर भी यही आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक ही परीक्षा अवधि में लगातार इस तरह की शिकायतें सामने आना गंभीर विषय है और इससे विद्यार्थियों की तैयारी तथा परीक्षा परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
सुबह से अधिकारियों का इंतजार, नहीं हुई सुनवाई
प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार, उन्होंने अपनी समस्या को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की। छात्रों का कहना है कि सुबह करीब 7 बजे से वे अधिकारियों से मुलाकात और अपनी बात रखने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।काफी देर तक समाधान नहीं मिलने के बाद छात्रों ने कुलपति आवास के बाहर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के बीच आकर पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब दे।
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तीसरी बार शिकायत का छात्रों ने लगाया आरोप
छात्र नेताओं का कहना है कि आउट ऑफ सिलेबस प्रश्नपत्र को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने दावा किया कि कार्रवाई के आश्वासन के बावजूद स्थिति में बदलाव नहीं हुआ और अब तीसरी बार ऐसी समस्या सामने आई है।छात्रों का आरोप है कि परीक्षा से जुड़ी ऐसी लापरवाही का सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि परीक्षा की तैयारी छात्र निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर करते हैं, इसलिए प्रश्नपत्र भी उसी दायरे में होना चाहिए।
कुलपति से सामने आकर बातचीत की मांग
धरने पर बैठे छात्रों ने मांग की है कि कुलपति स्वयं उनके बीच आएं और पूरे मामले पर बातचीत करें। छात्रों का कहना है कि केवल कार्रवाई का आश्वासन देने के बजाय प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए।प्रदर्शनकारियों ने संबंधित परीक्षा और प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की मांग की है।
परीक्षा विवाद के समाधान की मांग
छात्रों की मुख्य मांग है कि आउट ऑफ सिलेबस प्रश्नपत्र से प्रभावित विद्यार्थियों के हित में विश्वविद्यालय प्रशासन उचित समाधान निकाले। उनका कहना है कि यदि प्रश्नपत्र में पाठ्यक्रम से बाहर के सवाल पूछे गए हैं तो विद्यार्थियों के साथ न्याय करने के लिए परीक्षा व्यवस्था में जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।फिलहाल छात्रों का प्रदर्शन विश्वविद्यालय प्रशासन की परीक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी के बीच जारी है। विश्वविद्यालय की ओर से इस मामले में आधिकारिक तौर पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर छात्रों की नजर बनी हुई है।






