MP News: सागर कांड के बाद भी नहीं थमी चिंता, बैतूल में फोन पर घर पहुंच रही शराब, उठे गंभीर सवाल

Rahul Goshwami

Betul Illegal Liquor: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- सागर में जहरीली शराब से 11 लोगों की मौत के बाद मध्यप्रदेश में अवैध शराब के कारोबार को लेकर सवाल फिर उठने लगे हैं। इसी बीच बैतूल जिले में भी अवैध शराब की बिक्री और कथित होम डिलीवरी को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि ग्रामीण इलाकों में एक फोन करने पर शराब घर तक पहुंचाई जा रही है और कुछ जगहों पर दुकानों से कम कीमत में शराब उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है।स्थानीय स्तर पर सामने आ रही शिकायतों के मुताबिक, शहर के कुछ ढाबों, होटलों और शराब दुकानों के आसपास भी नियमों के विपरीत शराब परोसे जाने की चर्चा है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। हालांकि, सागर की घटना के बाद ऐसे आरोपों ने शराब की बिक्री और निगरानी व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

एक फोन पर घर तक शराब पहुंचाने का दावा
बैतूल के ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की कथित होम डिलीवरी को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि कुछ नंबरों पर संपर्क करने के बाद 20 से 30 मिनट के भीतर शराब पहुंचाने की बात कही जाती है।यह भी आरोप है कि ऐसी शराब अधिकृत दुकानों की कीमत से करीब 30 से 50 रुपये कम में उपलब्ध कराई जाती है। कम कीमत और आसानी से घर तक शराब पहुंचने की सुविधा युवाओं तथा नियमित शराब पीने वालों के लिए आकर्षण का कारण बन सकती है।हालांकि, किन लोगों द्वारा यह नेटवर्क संचालित किया जा रहा है और शराब की सप्लाई कहां से हो रही है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

सवाल सिर्फ बिक्री का नहीं, शराब की गुणवत्ता का भी
अवैध शराब की बिक्री का मामला केवल नियमों के उल्लंघन या सरकारी राजस्व तक सीमित नहीं है। सबसे बड़ा सवाल शराब की गुणवत्ता और उसके स्रोत को लेकर है।अधिकृत दुकानों से बिकने वाली शराब के लिए तय व्यवस्था और निगरानी होती है। इसके विपरीत, यदि शराब अवैध तरीके से बेची जा रही है तो उसकी गुणवत्ता, स्रोत और उसमें किसी तरह की मिलावट की जांच कैसे हो रही है, यह महत्वपूर्ण सवाल है।स्थानीय शिकायतों में पानी या अन्य पदार्थ मिलाकर शराब बेचने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, किसी विशेष शराब में मिलावट या जहरीला पदार्थ होने की पुष्टि बिना जांच के नहीं की जा सकती।
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आबकारी विभाग की निगरानी पर भी उठे सवाल
शराब की अवैध बिक्री पर रोक लगाने और नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी आबकारी विभाग की है। ऐसे में बैतूल शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की उपलब्धता को लेकर सामने आ रही शिकायतों के बाद विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर कोठी बाजार, गंज, सदर और टिकारी सहित कुछ इलाकों में अवैध शराब की बिक्री को लेकर चर्चाएं होने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में भी कच्ची शराब और महुआ लहान के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने आती रही है।स्थानीय आरोप यह भी हैं कि कार्रवाई अक्सर छोटे स्तर पर शराब बनाने या बेचने वालों तक सीमित रह जाती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अवैध सप्लाई के पीछे मौजूद नेटवर्क और स्रोत तक कार्रवाई पहुंच रही है या नहीं।

ढाबों और होटलों में शराब परोसने के आरोप
शहरी इलाकों में कुछ ढाबों और होटलों में नियमों के विपरीत शराब परोसे जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा शराब दुकानों के आसपास कथित अवैध अहाते संचालित होने की बात भी सामने आई है।यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह शराब बिक्री और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े नियमों की निगरानी पर सवाल खड़े कर सकता है। इसके लिए संबंधित स्थानों की नियमित जांच और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई जरूरी है।

कार्रवाई के बाद फिर शुरू होने की शिकायत
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई होती है, शराब जब्त की जाती है और कच्ची शराब नष्ट की जाती है। लेकिन कुछ मामलों में कार्रवाई के कुछ समय बाद कथित अवैध बिक्री दोबारा शुरू होने की शिकायत सामने आती है।यही वजह है कि अब केवल शराब जब्त करने के बजाय सप्लाई के स्रोत, डिलीवरी नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की पहचान करने की मांग उठ रही है।

सागर की घटना के बाद बढ़ी चिंता
सागर में जहरीली शराब से 11 मौतों की घटना ने अवैध शराब के खतरे को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है। बैतूल में सामने आ रही शिकायतों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि किसी गंभीर घटना का इंतजार किए बिना अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक कैसे लगाई जाए।अवैध शराब की गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं होने की स्थिति में इसका जोखिम केवल शराब पीने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट सामने आने पर कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है और परिवारों पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।

कलेक्टर ने निगरानी और कार्रवाई की बात कही
बैतूल में अवैध शराब को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे की ओर से कड़ी निगरानी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।अब देखना होगा कि प्रशासन और आबकारी विभाग इन शिकायतों की जांच किस स्तर तक करते हैं। खास तौर पर कथित होम डिलीवरी, शराब दुकानों के आसपास की गतिविधियों और अवैध सप्लाई के स्रोत की जांच होती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।सागर जैसी घटना के बाद सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि अवैध शराब के नेटवर्क की शिकायतों की समय रहते जांच हो और यदि नियमों का उल्लंघन सामने आए तो संबंधित लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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