Ladli Behna Yojana: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्यप्रदेश की लाड़ली बहना योजना को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद राज्य सरकार से कई अहम सवालों के जवाब मांगे गए हैं। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने योजना से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड पेश करने के लिए सरकार को चार सप्ताह का समय दिया है। इसमें योजना की लाभार्थी महिलाओं की संख्या, इससे बाहर की गई महिलाओं का आंकड़ा और सरकार पर पड़ने वाले वित्तीय भार की जानकारी शामिल है।यह मामला योजना के उद्देश्य, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और राज्य के बजट पर पड़ने वाले असर से जुड़े सवालों के बाद सामने आया है।
ग्वालियर निवासी सुधा दुबे की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के संबंधित विभागों से जानकारी मांगी है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने अदालत में पक्ष रखा।अदालत ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग और वित्त विभाग के प्रमुख सचिव को भी नोटिस जारी किया है। सरकार को चार सप्ताह यानी लगभग 30 दिन के भीतर योजना से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है।
लाभार्थियों और योजना से बाहर हुई महिलाओं का हिसाब
हाईकोर्ट की ओर से मांगी गई जानकारी में यह बताना होगा कि वर्तमान में लाड़ली बहना योजना का लाभ कितनी महिलाएं ले रही हैं। इसके अलावा योजना से बाहर की गई महिलाओं की संख्या और उससे संबंधित रिकॉर्ड भी प्रस्तुत करना होगा।सरकार को योजना के तहत हर महीने और पूरे साल खर्च होने वाली राशि का विवरण देने के लिए भी कहा गया है। इससे योजना के मौजूदा वित्तीय भार और लाभार्थियों की संख्या से जुड़ी जानकारी अदालत के सामने आ सकेगी।
याचिका में 60 हजार करोड़ खर्च का दावा
याचिका में दावा किया गया है कि लाड़ली बहना योजना शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 50 हजार करोड़ से 60 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसमें सालाना खर्च करीब 15 हजार करोड़ से 20 हजार करोड़ रुपये तक होने की बात कही गई है।याचिका में योजना के कारण महिलाओं की आर्थिक स्थिति में हुए बदलाव और राज्य की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले प्रभाव से जुड़े सवाल भी उठाए गए हैं। ये आंकड़े याचिका में किए गए दावों पर आधारित हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि अदालत में सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले रिकॉर्ड से संबंधित होगी।
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योजना में करीब 1.25 करोड़ महिलाएं लाभार्थी
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मध्यप्रदेश में लगभग 1 करोड़ 25 लाख 22 हजार 542 महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही हैं। वर्तमान में पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।इस सहायता का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनके दैनिक खर्चों में सहयोग देना है। योजना के लाभार्थियों की वास्तविक वर्तमान संख्या और भुगतान से जुड़ी विस्तृत जानकारी सरकार के रिकॉर्ड में स्पष्ट हो सकेगी।
बजट में 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान
वित्त वर्ष 2026-27 के मध्यप्रदेश बजट में लाड़ली बहना योजना के लिए करीब 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। याचिका में सरकार पर हर महीने लगभग 1,875 करोड़ रुपये के वित्तीय भार का दावा किया गया है।अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सरकार को योजना के लाभार्थियों, भुगतान, बजट और वित्तीय प्रभाव से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। इस मामले में आगे की दिशा सरकार की ओर से रिकॉर्ड दाखिल किए जाने और अदालत में होने वाली सुनवाई के बाद स्पष्ट होगी।







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