Raipur Ganesh Chaturthi: रायपुर। गणेश चतुर्थी के मौके पर राजधानी रायपुर में भक्ति और कला का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में आकर्षक पंडाल सजाए गए हैं, लेकिन देवपुरी में स्थापित ‘सिक्कों वाले गणेश जी’ श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
श्री शिव शक्ति युवा समिति, देवपुरी की ओर से स्थापित इस प्रतिमा को तैयार करने में 50 हजार से अधिक असली सिक्कों का इस्तेमाल किया गया है। प्रतिमा के अलग-अलग हिस्सों को अलग-अलग मूल्यवर्ग के सिक्कों से सजाया गया है, जो इसे खास रूप दे रहे हैं।
किस हिस्से में कौन से सिक्के?
प्रतिमा के मुख और धोती में 1 और 2 रुपये के सिक्कों का इस्तेमाल किया गया है। वहीं सूंड और कान को 5 रुपये के सिक्कों से तैयार किया गया है। मुकुट में 10 और 20 रुपये के सिक्कों का इस्तेमाल कर इसे भव्य रूप दिया गया है।
15 दिन की मेहनत और जनसहयोग से तैयार प्रतिमा
समिति के मुताबिक, इस अनोखी प्रतिमा को तैयार करने में करीब 15 दिन का समय लगा। बड़ी संख्या में सिक्के जुटाने के लिए बैंक, स्थानीय दुकानदारों और मोहल्ले के लोगों से सहयोग लिया गया। समिति के सदस्यों के साथ स्थानीय रहवासियों ने भी इस पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
प्रतिमा देखने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवपुरी पहुंच रहे हैं।
विसर्जन के बाद सिक्कों का क्या होगा?
Raipur Ganesh Chaturthi: अब सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि गणेश उत्सव समाप्त होने और विसर्जन के बाद इन हजारों सिक्कों का क्या किया जाएगा। क्या इन्हें प्रतिमा से निकालकर जरूरतमंदों को दिया जाएगा या मंदिर में दान किया जाएगा? समिति का कहना है कि फिलहाल इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। जल्द ही पदाधिकारियों की बैठक में चर्चा कर सर्वसम्मति से फैसला लिया जाएगा।






