MP Govt Employees Allowance Hike: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए मंगलवार को भोपाल से अहम खबर सामने आई है। MP Govt Employees Allowance Hike को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अलग-अलग विभागों में कर्मचारियों को मिलने वाले अलाउंस की समीक्षा कर रही है, ताकि उन्हें मौजूदा समय के हिसाब से बेहतर लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने यह बात 15 सितंबर को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह में कही।हालांकि, मुख्यमंत्री के बयान में किसी विशेष अलाउंस को बढ़ाने या कितनी राशि बढ़ाने की घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल सरकार की ओर से अलग-अलग भत्तों की समीक्षा की बात कही गई है।
Engineers Day कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार अभियंताओं के साथ-साथ सभी सरकारी कर्मचारियों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग विभागों में 85 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकारी कर्मचारियों के 1 लाख से ज्यादा पदों पर प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। सरकार की ओर से भर्ती और पदोन्नति के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कर्मचारियों से जुड़े विषयों पर सरकार के रुख को भी सामने रखा।
अलाउंस को लेकर क्या कहा CM ने?
सरकारी कर्मचारियों के लिए अलग-अलग विभागों में कई तरह के भत्ते और सुविधाएं लागू होती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अलाउंस की समीक्षा की जा रही है, जिससे वर्तमान परिस्थितियों के मुताबिक कर्मचारियों को लाभ मिल सके।इस बयान के बाद कर्मचारियों के बीच अलाउंस में बदलाव की उम्मीद जरूर बढ़ी है। हालांकि, किस भत्ते में कितना बदलाव होगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसलिए इसे फिलहाल किसी निश्चित अलाउंस बढ़ोतरी की घोषणा नहीं माना जा सकता।
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85 हजार पदों पर भर्ती का दावा
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रदेश में चल रही सरकारी भर्ती प्रक्रिया की भी जानकारी दी। उनके मुताबिक, अलग-अलग विभागों में 85 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां जारी हैं।इसके अलावा एक लाख से ज्यादा पदों पर प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी होने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। सरकार के इस कदम से लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सड़क निर्माण में होगा नया प्रयोग
Engineers Day समारोह में सरकारी कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी अहम समझौता हुआ। CSIR, AMPRI भोपाल और मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन यानी MOU किया गया।इस समझौते के तहत फ्लायऐश आधारित सीमेंट से सड़क निर्माण की तकनीक पर काम किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, यह अपनी तरह का पहला प्रयोग है।
सीमेंट के बिना कंक्रीट सड़क की तकनीक
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि पिछले 9 महीनों में प्रदेश के करीब 85 प्रतिशत इंजीनियर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि CSIR और AMPRI के साथ हुए समझौते के जरिए सीमेंट के बिना कंक्रीट सड़क बनाने की तकनीक हासिल करने की दिशा में काम होगा।इस तकनीक का उद्देश्य सड़क निर्माण के तरीके में नए विकल्प तलाशना है। फ्लायऐश के इस्तेमाल से निर्माण क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की संभावना भी देखी जा रही है।
Engineers Day पर इंजीनियर्स का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के कई इंजीनियर्स और अधिकारियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में ईश्वर सिंह चंदेली, मानवेंद्र सिंह सेंगर, मनीष कुमार शर्मा, अर्चित लाहौटी, अमन अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, नितिन बरसैया, राजेश दायमा, शशांक शर्मा, हर्षिता वार्ष्णेय, दीपक नामदेव, साहित्य तिवारी, अनिल श्रीवास्तव, पुष्कल प्रताप, मोहन किशोर, महेंद्र डोलिया, शिवेंद्र सिंह, रामसिंह रघुवंशी और आशीष मंडल शामिल रहे।
वहीं, सेवानिवृत्त लोक निर्माण विभाग के सचिव सतीश चंद्र पांडे और सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता जीएस पल्नितकर को भी विशेष सम्मान दिया गया।फिलहाल सरकारी कर्मचारियों की नजर अब अलाउंस की समीक्षा पर है। अगर समीक्षा के बाद सरकार किसी भत्ते में बदलाव या बढ़ोतरी का फैसला लेती है तो कर्मचारियों की आय और सुविधाओं पर उसका सीधा असर पड़ सकता है। हालांकि, इसके लिए आधिकारिक आदेश का इंतजार करना होगा।







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