नई दिल्ली। Nishaanebaz.com-Kharge Attacks Modi Govt: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लेनदेन पर संभावित शुल्कों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ‘लूट’ अब देश के डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म यूपीआई तक पहुंच गई है। खरगे के अनुसार, पहले से ही आसमान छूती महंगाई से त्रस्त आम जनता को राहत देने के बजाय सरकार डिजिटल भुगतानों पर टैक्स लगाकर उनकी बची-कुची बचत को खत्म करने में लगी है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि सरकार ने चुपके से ‘नो फीस ऑन यूपीआई’ के नियम को बदलते हुए इसे केवल 2,000 रुपये तक के लेनदेन तक सीमित कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतानों पर शुल्क लगाने का रास्ता साफ किया जा रहा है, जिसे उन्होंने जनता पर सीधा ‘डिजिटल पेमेंट्स टैक्स’ करार दिया है।
अब मोदी सरकार की लूट UPI तक पहुँच गई है। “No fees on UPI” को बदलकर अब “₹2,000 तक के UPI transactions पर no fees” कर दिया गया है।
गगनचुंबी महँगाई से आम आदमी की जेब पहले ही खाली है। थोक महँगाई 10% के क़रीब है और भाजपा सरकार ने जनता पर “Digital Payments Tax” लगाकर उनकी बची-कुची,… pic.twitter.com/Fq63eLLFVp
— Mallikarjun Kharge (@kharge) September 15, 2026
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मल्लिकार्जुन खरगे ने नोटबंदी की 10वीं सालगिरह का जिक्र करते हुए कहा कि एक दशक पहले देश की अर्थव्यवस्था को झटका देकर कैशलेस इकोनॉमी का सपना दिखाया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि संसद में वित्त मंत्री के दावों के बावजूद विभिन्न रिपोर्ट्स में 5,000 रुपये के लेनदेन पर 25 रुपये और 10,000 रुपये पर 50 रुपये तक की वसूली की बात कही जा रही है, जो सरकार के दोहरे रवैये को उजागर करता है।
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मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का उल्लेख करते हुए खरगे ने स्पष्ट किया कि यदि व्यापारियों पर कोई अतिरिक्त शुल्क या कर का बोझ डाला जाता है, तो अंततः उसका असर उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में आम आदमी को ही भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस ने मांग की है कि केंद्र सरकार डिजिटल भुगतानों पर किसी भी प्रकार के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क लगाने की अपनी योजना पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करे।







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