नई दिल्ली। Nishaanebaz.com-Piles Health Warning: बवासीर यानी पाइल्स वर्तमान समय में एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जिसमें गुदा या मलाशय के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है। आहार में फाइबर की कमी, पुराना कब्ज, मल त्याग के समय अत्यधिक जोर लगाना और टॉयलेट में लंबा समय बिताना इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं। यह समस्या मुख्य रूप से दो प्रकारों—आंतरिक (Internal) और बाहरी (External) बवासीर में विभाजित की जाती है।
आंतरिक बवासीर मलाशय के अंदरूनी हिस्से में होती है, जिसमें शुरुआती चरण में दर्द नहीं होता लेकिन मल त्याग के दौरान लाल रक्त दिखाई दे सकता है। यह बीमारी चार चरणों (Grades) में बढ़ती है, जहां गंभीर स्थिति में नसें बाहर निकलने लगती हैं। वहीं, बाहरी बवासीर में गुदा के बाहरी हिस्से में सूजन होती है, जिसमें तेज दर्द और खुजली महसूस होती है। कई बार बाहरी बवासीर में खून का थक्का (Thrombosed Hemorrhoid) जम जाता है, जिससे गुदा के पास अचानक दर्दनाक गांठ बन जाती है।
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सामान्य तौर पर बवासीर सीधे तौर पर जानलेवा नहीं होती, लेकिन इसे लंबे समय तक नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम दे सकता है। मलाशय से लगातार या अत्यधिक खून बहने पर शरीर में हीमोग्लोबिन की भारी कमी हो सकती है, जो आगे चलकर गंभीर एनीमिया (Anemia) का रूप ले सकती है।
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इसके अतिरिक्त, मल के साथ खून आने का हर मामला केवल बवासीर नहीं होता; यह फिशर, आंतों के संक्रमण या कुछ मामलों में कैंसर का लक्षण भी हो सकता है। यदि मल त्याग में लगातार खून आए, चक्कर या बेहोशी महसूस हो, या काला मल आए, तो तुरंत चिकित्सीय परामर्श लेना चाहिए। बवासीर से बचाव के लिए खानपान में पर्याप्त फाइबर, पानी का अधिक सेवन और कब्ज से बचना सबसे कारगर उपाय है।







[…] Piles Health Warning: बवासीर के इन लक्षणों को न करें… […]
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