Bhilai Crime: ऑनलाइन परीक्षा सेंटर का ऑफर, कॉलेज का मुआयना और फर्जी एग्रीमेंट… फिर 12 लाख लेकर गायब हुए ठग

Anuj Nirala

 [nishaanebaz.com] Bhilai Crime: भिलाईनगर। ऑनलाइन परीक्षा सेंटर शुरू कराने का सपना दिखाकर दुर्ग जिले के एक निजी कॉलेज प्रबंधन से करीब 12 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को एक नामी आईटी कंपनी HCL Technologies के परीक्षा सेंटर विभाग से जुड़ा बताया। पहले कॉलेज के आधिकारिक ई-मेल पर ऑनलाइन परीक्षा केंद्र खोलने का प्रस्ताव भेजा, फिर कॉलेज का बाकायदा भौतिक मुआयना कराया और अलग-अलग कामों के नाम पर लाखों रुपए बैंक खाते में जमा करा लिए। रकम मिलने के बाद जब कॉलेज प्रबंधन ने संपर्क करने की कोशिश की तो मोबाइल नंबर बंद मिला और ई-मेल का जवाब भी आना बंद हो गया।

मामला दुर्ग जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित अंडा के शैलदेवी महाविद्यालय का है। कॉलेज अध्यक्ष राजन कुमार दुबे की शिकायत पर नेवई थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पहले आया ऑनलाइन परीक्षा सेंटर का प्रस्ताव

पुलिस के मुताबिक, 12 अप्रैल 2025 को कॉलेज के आधिकारिक ई-मेल पर HCL Technologies के परीक्षा सेंटर विभाग के नाम से एक मेल आया। इसमें कॉलेज परिसर में ऑनलाइन परीक्षा सेंटर शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया था। ई-मेल में वेदांत कपूर नाम के व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी दिया गया था।

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प्रस्ताव मिलने के बाद कॉलेज प्रबंधन की वेदांत कपूर से लगातार बातचीत शुरू हो गई। इसके बाद 17 अप्रैल को कॉलेज के ई-मेल पर एक समझौता पत्र भेजा गया। अगले ही दिन कॉलेज का भौतिक निरीक्षण कराने के लिए ‘बुल आई’ नाम की संस्था से एक व्यक्ति के आने की जानकारी दी गई।

कॉलेज पहुंचकर लीं तस्वीरें, किया पूरा निरीक्षण

18 अप्रैल को एके साहू नाम का व्यक्ति कॉलेज पहुंचा। उसने कॉलेज की बिल्डिंग और परिसर की तस्वीरें लीं और पूरे संस्थान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उसने कॉलेज प्रबंधन को जांच रिपोर्ट भेजने की बात कही।

इसके बाद 1 मई को दोपहर 3 बजे से 3:15 बजे तक कॉलेज अध्यक्ष और प्राचार्य कामेश्वर नाथ मिश्रा की Zoom बैठक हुई। इसमें HCL Technologies से जुड़ी अनीता नाम की महिला से बातचीत होने की बात शिकायत में कही गई है।बैठक के बाद 5 मई को गोपनीयता और साझेदारी से जुड़े दस्तावेज कॉलेज के ई-मेल पर भेजे गए। कॉलेज प्रबंधन ने इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर 8 मई को वापस भेज दिए।

5.98 लाख का बिल भेजकर शुरू किया भुगतान का खेल

समझौते की प्रक्रिया के बाद 19 मई को कॉलेज को परीक्षा सेंटर के उपकरणों के लिए 5 लाख 98 हजार 743 रुपए का बिल भेजा गया। इसमें भुगतान के लिए एक निजी फर्म का बैंक खाता दिया गया।कॉलेज प्रबंधन ने 21 मई को अपने बैंक खाते से बताई गई रकम का भुगतान कर दिया। इसके बाद DG सेट के नाम पर 3 लाख 42 हजार 200 रुपए की अलग मांग की गई। कॉलेज ने 26 मई को यह रकम भी उसी खाते में जमा कर दी।इस तरह कॉलेज से दो भुगतानों में कुल 9 लाख 40 हजार 943 रुपए जमा कराए जा चुके थे।

परिवहन और बीमा के नाम पर भी मांगे लाखों

इसके बाद ठगों ने कॉलेज प्रबंधन से सामान भेजने और उसका बीमा कराने के नाम पर फिर रकम मांगी। परिवहन के नाम पर 1 लाख 35 हजार 700 रुपए और बीमा के नाम पर 1 लाख 62 हजार 840 रुपए जमा करने को कहा गया।शिकायत के अनुसार कॉलेज ने 13 जून को दोनों रकम का भुगतान कर दिया। इन दोनों भुगतानों को मिलाकर कॉलेज से कुल 2 लाख 98 हजार 540 रुपए और ले लिए गए।इस तरह अलग-अलग भुगतान के जरिए कॉलेज प्रबंधन से करीब 12 लाख 39 हजार रुपए लिए गए।

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15 जून के बाद मोबाइल बंद, ई-मेल का जवाब भी बंद

शिकायत के मुताबिक, कॉलेज प्रबंधन 12 अप्रैल से 14 जून तक वेदांत कपूर नाम के व्यक्ति से लगातार संपर्क में था। भुगतान होने के बाद 15 जून से उसका मोबाइल नंबर बंद हो गया। ई-मेल पर भेजे गए संदेशों का जवाब भी आना बंद हो गया।काफी कोशिशों के बाद भी जब कॉलेज प्रबंधन का संबंधित लोगों से संपर्क नहीं हुआ तो उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद कॉलेज अध्यक्ष ने नेवई थाने में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने मामला दर्ज कर अब उन मोबाइल नंबरों, ई-मेल आईडी और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है, जिनके जरिए कॉलेज प्रबंधन से संपर्क किया गया और रकम जमा कराई गई। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ठगी के पीछे कितने लोग शामिल हैं और क्या आरोपियों ने इसी तरीके से दूसरे शिक्षण संस्थानों को भी निशाना बनाया है।

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