Durg Uthai Giri Case: दुर्ग उठाईगिरी मामला में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 4.90 लाख रुपये की उठाईगिरी का खुलासा कर दिया है। शुरुआती जांच में यह मामला सामान्य चोरी का लग रहा था, लेकिन पुलिस की गहन पड़ताल में पूरी कहानी सामने आ गई। हैरानी की बात यह रही कि इस वारदात का मास्टरमाइंड कोई पेशेवर गिरोह नहीं, बल्कि एक गर्लफ्रेंड और उसका बॉयफ्रेंड निकले, जो एक ही शोरूम में साथ काम करते थे।
दुर्ग उठाईगिरी मामला में सामने आया कि दोनों आरोपी पोटिया रोड स्थित उत्सव होंडा शोरूम में कर्मचारी थे। साथ काम करते-करते दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इसी दौरान जल्दी पैसा कमाने की चाह ने उन्हें अपराध की राह पर धकेल दिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाखों रुपये उड़ाने की योजना बनाई।
कई दिनों तक की रेकी, फिर दिया वारदात को अंजाम
दुर्ग उठाईगिरी मामला में पुलिस जांच के अनुसार आरोपियों ने जल्दबाजी नहीं की। उन्होंने कई दिनों तक रेकी कर पीड़ित की गतिविधियों पर नजर रखी। सही मौका मिलने पर कार का शीशा तोड़कर उसमें रखे 4.90 लाख रुपये लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद दोनों को लगा कि उनकी योजना पूरी तरह सफल रही है।
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एक छोटी गलती बनी गिरफ्तारी की वजह
दुर्ग उठाईगिरी मामला में पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों की गतिविधियों की जांच की। इसी दौरान आरोपियों की एक छोटी सी चूक पुलिस की नजर में आ गई। उसी सुराग के आधार पर जांच आगे बढ़ी और पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया।
पूरी कहानी सामने आते ही पुलिस ने किया गिरफ्तार
दुर्ग उठाईगिरी मामला की जांच में पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान वारदात की पूरी साजिश सामने आ गई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मामले से जुड़े साक्ष्य और रकम की भी जांच शुरू कर दी है।
पुलिस कर रही आगे की जांच
दुर्ग उठाईगिरी मामला में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहे हैं या यह उनकी पहली वारदात थी। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बड़ी रकम लेकर यात्रा करते समय सतर्क रहें और वाहन में नकदी छोड़कर न जाएं। वहीं कारोबारी और आम नागरिक भी सार्वजनिक स्थानों पर वाहन पार्क करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।