MP के 5 हजार डिफाल्टर किसानों को मिल सकती है बड़ी राहत! मोहन कैबिनेट में आएगी कवच योजना

Rahul Goshwami

MP Defaulter Farmers Relief Scheme: एमपी डिफाल्टर किसानों को राहत देने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। प्रदेश के 5 हजार से अधिक ऐसे किसान, जो सहकारी समितियों में हुए कथित फर्जीवाड़े के कारण डिफाल्टर घोषित हो गए थे, उन्हें जल्द राहत मिल सकती है। इस संबंध में तैयार प्रस्ताव मंगलवार को राज्य कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। यदि इसे मंजूरी मिलती है तो हजारों किसानों के लिए नई उम्मीद पैदा होगी।

एमपी डिफाल्टर किसानों को राहत देने के लिए सरकार ‘कवच योजना’ लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार जिन किसानों का बकाया सहकारी समितियों में गड़बड़ी के कारण बढ़ा, उनके कर्ज के निपटारे में एपेक्स बैंक और राज्य सरकार दोनों की भूमिका रहेगी। योजना का उद्देश्य ऐसे किसानों को डिफाल्टर की श्रेणी से बाहर निकालना है ताकि वे फिर से सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें।

कैसे डिफाल्टर बने हजारों किसान?
एमपी डिफाल्टर किसानों को राहत की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि कई किसानों ने कुछ वर्ष पहले सहकारी बैंकों से कृषि ऋण लिया था। इसके बाद खाद और बीज खरीदने के लिए यह राशि संबंधित सहकारी समितियों में जमा कराई गई। आरोप है कि कुछ समितियों के प्रबंधकों और सचिवों ने यह राशि जमा करने के बावजूद किसानों को वैध रसीद नहीं दी और धन का दुरुपयोग कर लिया। बाद में रिकॉर्ड मिलान के दौरान किसानों को ही बकायेदार मान लिया गया।

जांच में सामने आई थीं गड़बड़ियां
एमपी डिफाल्टर किसानों को राहत से जुड़ा मामला सामने आने के बाद कई सहकारी समितियों की जांच कराई गई। जांच में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने पर कई प्रबंधकों और समिति पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। कुछ मामलों में राशि की वसूली भी की गई, लेकिन इसके बावजूद प्रभावित किसानों का रिकॉर्ड पूरी तरह ठीक नहीं हो सका।

नया लोन और खाद-बीज मिलने में हो रही परेशानी
एमपी डिफाल्टर किसानों को राहत मिलने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि प्रभावित किसान फिर से सहकारी बैंकों से कृषि ऋण लेने के पात्र बन सकेंगे। अभी डिफाल्टर होने के कारण उन्हें नया कर्ज, खाद, बीज और अन्य सहकारी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे खेती की तैयारी और उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है।

आज की कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं उम्मीदें
एमपी डिफाल्टर किसानों को राहत से जुड़े प्रस्ताव पर मंगलवार की कैबिनेट बैठक में चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही सरकार योजनाओं की निरंतरता और पेंशन से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी विचार कर सकती है। यदि कवच योजना को मंजूरी मिलती है तो हजारों किसानों को लंबे समय से चली आ रही आर्थिक और प्रशासनिक परेशानी से राहत मिल सकती है।

क्या होगा आगे?
यदि कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो योजना के लागू होने के बाद पात्र किसानों की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद नियमों के अनुसार बकाया राशि के समाधान की प्रक्रिया शुरू होगी। एमपी डिफाल्टर किसानों को राहत देने वाली यह पहल सहकारी व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के साथ-साथ किसानों को दोबारा आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।

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