Election Commission: दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार तेज होती जा रही हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग अब चुनाव आयोग तक पहुंच गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के चुनावी भाषणों और सार्वजनिक बयानों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त से औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए उनके खिलाफ तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। भाजपा का आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कुछ बयान न केवल तथ्यहीन हैं, बल्कि मतदाताओं के बीच भ्रम और तनाव की स्थिति भी पैदा कर सकते हैं।
भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप
Election Commission: भाजपा द्वारा चुनाव आयोग को भेजी गई शिकायत में कहा गया है कि जीतू पटवारी ने चुनावी सभाओं के दौरान मुख्यमंत्री, राज्य सरकार और विभिन्न शासकीय संस्थाओं को लेकर ऐसे आरोप लगाए, जिनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। पार्टी का कहना है कि इस तरह के बयान लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकते हैं।भाजपा ने आरोप लगाया कि इस प्रकार की बयानबाजी से मतदाताओं के मन में भ्रम पैदा हो रहा है और चुनावी माहौल अनावश्यक रूप से तनावपूर्ण बनाया जा रहा है।
आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप
Election Commission: भाजपा का दावा है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बयान आदर्श आचार संहिता की भावना के अनुरूप नहीं हैं। शिकायत में कहा गया है कि चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों और नेताओं को तथ्यों पर आधारित और संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए, लेकिन कथित रूप से दिए गए कुछ बयान इस दायरे से बाहर हैं।पार्टी ने चुनाव आयोग से पूरे मामले की जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रचार पर रोक लगाने की भी मांग
भाजपा ने अपनी शिकायत में यह भी आग्रह किया है कि चुनाव आयोग दतिया विधानसभा क्षेत्र में जीतू पटवारी के चुनाव प्रचार और प्रवेश पर भी विचार करे। भाजपा का कहना है कि यदि ऐसे बयानों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो चुनावी माहौल प्रभावित हो सकता है।पार्टी का दावा है कि इस तरह की कार्रवाई से मतदाता स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे।
उपचुनाव में सियासी मुकाबला हुआ और तेज
Election Commission: दतिया विधानसभा उपचुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव बन चुका है। दोनों दलों के वरिष्ठ नेता लगातार क्षेत्र में जनसभाएं और चुनावी कार्यक्रम कर रहे हैं। एक ओर भाजपा विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों को चुनावी मुद्दा बना रही है, वहीं कांग्रेस सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने में जुटी हुई है।इसी बीच भाजपा की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भेजी गई शिकायत ने चुनावी मुकाबले को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है।
अब चुनाव आयोग के फैसले पर टिकी नजर
भाजपा की शिकायत के बाद अब सभी की नजर भारत निर्वाचन आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी है। यदि आयोग इस शिकायत पर संज्ञान लेकर जांच शुरू करता है, तो यह दतिया उपचुनाव की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल, भाजपा ने जीतू पटवारी के बयानों को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है, जबकि इस मामले में कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। ऐसे में आने वाले दिनों में दतिया का चुनावी माहौल और अधिक गर्माने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।







