Singrauli Lokayukta: सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक बीट गार्ड को ₹2,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिले की बरगवां वन परिक्षेत्र (रेंज) के अंतर्गत आने वाली ओबरी जंगल चौकी में की गई। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से वन विभाग में हड़कंप मच गया है और सरकारी कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश मिला है।
शासकीय काम के बदले मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, ओबरी जंगल चौकी में पदस्थ बीट गार्ड अखिलेश शुक्ला ने क्षेत्र के निवासी रामलोचन प्रजापति से एक शासकीय कार्य करने के बदले ₹2,000 की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने कई बार रिश्वत की मांग किए जाने से परेशान होकर पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त पुलिस से की।लोकायुक्त टीम ने शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले का सत्यापन किया। जांच में रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की रणनीति तैयार की गई।
लोकायुक्त ने बिछाया जाल, रिश्वत लेते ही दबोचा
Singrauli Lokayukta: पूर्व योजना के तहत शिकायतकर्ता को केमिकल लगे ₹2,000 के नोट देकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने बीट गार्ड अखिलेश शुक्ला को रिश्वत की राशि सौंपी, पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया।इसके बाद नियमानुसार आरोपी के हाथ धुलवाए गए। केमिकल लगे नोटों के संपर्क में आने से उसके हाथों का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। रिश्वत की राशि जब्त कर ली गई है और पूरे प्रकरण की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि शिकायतकर्ता की सूचना पूरी तरह सही पाई गई, जिसके बाद ट्रैप कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
सर्किट हाउस में चली वैधानिक कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद आरोपी बीट गार्ड को बरगवां सर्किट हाउस ले जाया गया, जहां पंचनामा, दस्तावेजी प्रक्रिया और अन्य वैधानिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।इस कार्रवाई के बाद वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। पूरे विभाग में इस कार्रवाई की चर्चा जोरों पर है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त का सख्त संदेश
Singrauli Lokayukta: लोकायुक्त पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवाओं के बदले रिश्वत मांगने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यदि कोई शासकीय कर्मचारी आम लोगों से अवैध रूप से पैसे मांगता है, तो उसकी शिकायत लोकायुक्त से की जा सकती है। शिकायत सही पाए जाने पर इसी तरह की ट्रैप कार्रवाई कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
ईमानदार व्यवस्था की दिशा में बड़ी कार्रवाई
सिंगरौली में हुई यह कार्रवाई केवल एक बीट गार्ड की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे सरकारी तंत्र के लिए एक सख्त चेतावनी भी है कि रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों में अब कार्रवाई और अधिक तेज़ी से की जाएगी। लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा।







