MP Congress: आगर मालवा। मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों हलचल लगातार तेज होती जा रही है। भाजपा में सामने आई अंदरूनी खींचतान के बाद अब कांग्रेस भी गुटबाजी और संगठनात्मक विवाद को लेकर सुर्खियों में है। आगर मालवा जिले की सुसनेर विधानसभा से कांग्रेस विधायक भेरू सिंह परिहार ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कुछ बड़े नेता खुद ही मध्य प्रदेश
में कांग्रेस की सरकार नहीं बनने देना चाहते। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संगठन में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा होती रही तो वह पार्टी छोड़ने जैसे बड़े फैसले पर भी विचार कर सकते हैं।
अजय सिंह के दौरे से शुरू हुआ विवाद
MP Congress: पूरे विवाद की शुरुआत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अजय सिंह (राहुल भैया) के आगर मालवा दौरे से हुई। विधायक भेरू सिंह परिहार का आरोप है कि जिले के निर्वाचित विधायक होने के बावजूद उन्हें इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं अजय सिंह से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे मुलाकात तक नहीं हो सकी।
विधायक ने आरोप लगाया कि संगठन के कुछ वरिष्ठ नेता पार्टी को मजबूत करने के बजाय उसे भीतर से कमजोर करने का काम कर रहे हैं। लगातार जनप्रतिनिधियों और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल बन रहा है।
‘जरूरत पड़ी तो पार्टी छोड़ने से भी पीछे नहीं हटूंगा’
MP Congress: भेरू सिंह परिहार ने कहा कि यदि संगठन में इसी तरह उपेक्षा और गुटबाजी जारी रही तो वह पार्टी छोड़ने पर गंभीरता से विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को सम्मान मिलना चाहिए। यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्हें बड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
अजय सिंह ने आरोपों को किया खारिज
MP Congress: विधायक के आरोपों पर पूर्व मंत्री अजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी विधायक से फोन पर बातचीत हुई थी और उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया गया था। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर लगाए जा रहे ऐसे आरोपों पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते और इस तरह की बयानबाजी को ज्यादा महत्व नहीं देते।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने दी अनुशासन की नसीहत
MP Congress: कांग्रेस की जिला अध्यक्ष विजयलक्ष्मी तंवर ने पूरे मामले में डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए कहा कि कांग्रेस एक अनुशासित संगठन है। यदि किसी नेता या विधायक को कोई शिकायत है तो उसे मीडिया के सामने लाने के बजाय पार्टी के आंतरिक मंच पर उठाना चाहिए। संगठन के भीतर हर समस्या के समाधान की निर्धारित प्रक्रिया है और अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
मालवा की राजनीति में बढ़ी हलचल
आगर मालवा में पहले भाजपा और अब कांग्रेस के भीतर खुलकर सामने आई गुटबाजी ने प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दे दी है। विधायक भेरू सिंह परिहार के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब सभी की नजर कांग्रेस आलाकमान पर है कि वह नाराज विधायक को मनाने में सफल होता है या फिर यह विवाद आने वाले समय में कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक संकट बन जाता है।
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राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अगले कदम पर
MP Congress: विधायक की नाराजगी ऐसे समय सामने आई है जब कांग्रेस प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारियों में जुटी हुई है। ऐसे में यदि यह विवाद जल्द नहीं सुलझा तो मालवा क्षेत्र में पार्टी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं भाजपा भी कांग्रेस की इस अंदरूनी कलह को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में दिखाई दे रही है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस विवाद को कितनी जल्दी और किस तरह सुलझा पाता है।







