Bhilai Steel Plant Iron Theft: भिलाई स्टील प्लांट लोहा चोरी मामले को लेकर वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि प्लांट में कथित लोहा चोरी से अर्जित पैसों का इस्तेमाल कुछ अधिकारियों ने ऐशो-आराम की जिंदगी जीने में किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसी धन से प्रभावशाली लोगों के परिवारों में भव्य शादियां और जन्मदिन समारोह आयोजित किए गए।
भिलाई स्टील प्लांट लोहा चोरी मामले में रिकेश सेन ने दावा किया कि यह कोई नया मामला नहीं है। उनके अनुसार, प्लांट में पिछले लगभग 40 वर्षों से संगठित तरीके से लोहा चोरी का सिंडिकेट सक्रिय है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान राष्ट्रीय संपत्ति को ₹10,000 करोड़ से अधिक का नुकसान पहुंचाया गया।
‘चुनावों में भी हुआ काले धन का इस्तेमाल’
भिलाई स्टील प्लांट लोहा चोरी मामले में विधायक ने यह भी दावा किया कि कथित चोरी से कमाए गए पैसे का उपयोग चुनावों में भाजपा के नेताओं को हराने के लिए किया जाता था। हालांकि, उन्होंने किसी व्यक्ति या संगठन का नाम सार्वजनिक नहीं किया। उनका कहना है कि ऐसा करने पर पूरे मामले को राजनीतिक बयान बताकर दबाने की कोशिश हो सकती है।
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CBI जांच की मांग, मुख्यमंत्री को सौंपे दस्तावेज
भिलाई स्टील प्लांट लोहा चोरी मामले में रिकेश सेन ने केंद्रीय जांच एजेंसी CBI से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में दस्तावेज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी सौंपे गए हैं। विधायक के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई और केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने पर सहमति जताई है।
दुर्ग पुलिस की कार्रवाई में 15 गिरफ्तारियां
भिलाई स्टील प्लांट लोहा चोरी मामले में दुर्ग पुलिस पहले ही बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। पुलिस ने अब तक मास्टरमाइंड संजय सिंह समेत कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान भिलाई स्टील प्लांट के एसएमएस-3 के जनरल मैनेजर हिमांशु भूषण मलिक और एसोसिएट इंजीनियर मनोज कुमार देवांगन की भी गिरफ्तारी की गई है। पुलिस का आरोप है कि ये अधिकारी कथित सिंडिकेट को सहयोग दे रहे थे।
करोड़ों की संपत्ति और सैकड़ों टन लोहा जब्त
भिलाई स्टील प्लांट लोहा चोरी मामले में पुलिस ने अब तक ₹3.22 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्ति जब्त करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, विभिन्न स्थानों पर छापेमारी के दौरान लगभग 250 टन लौह स्क्रैप, भारी प्लेटें, बीम, कटर, सोने-चांदी के आभूषण और कई कमर्शियल वाहन जब्त किए गए हैं।
ऐसे किया जाता था कथित लोहा चोरी का खेल
भिलाई स्टील प्लांट लोहा चोरी मामले की जांच में पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी ट्रकों में विशेष गुप्त केबिन बनाकर स्क्रैप छिपाते थे। इसके ऊपर फ्लू डस्ट डाल दी जाती थी, ताकि सुरक्षा जांच के दौरान चोरी का माल दिखाई न दे और आसानी से प्लांट से बाहर निकाला जा सके।
विधानसभा से लेकर PMO तक पहुंचा मामला
भिलाई स्टील प्लांट लोहा चोरी मामले को लेकर रिकेश सेन ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में अशासकीय संकल्प और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी पेश किया है। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय इस्पात मंत्री और CBI निदेशक को भी शिकायत भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
आधिकारिक पक्ष का इंतजार
भिलाई स्टील प्लांट लोहा चोरी मामले में विधायक के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई के बीच अब सभी की नजर आगे की जांच पर है। संबंधित अधिकारियों या भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।







