Bhakhara Scorpion Sting Tragedy: धमतरी। छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के साथ ही ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा तेजी से बढ़ने लगा है। ऐसा ही एक दर्दनाक मामला धमतरी जिले के भखारा क्षेत्र से सामने आया है, जहां खेत में काम कर रहे एक बुजुर्ग किसान की बिच्छू के जहरीले डंक की वजह से मौत हो गई। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने बारिश के दिनों में खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वाले ग्रामीणों और किसानों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
मिली जानकारी के अनुसार, भखारा क्षेत्र के रहने वाले बुजुर्ग किसान परदेशी राम शनिवार को अपने खेत में रोजमर्रा की तरह कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान छिपे हुए एक बेहद जहरीले बिच्छू ने उन्हें डंक मार दिया। डंक लगने के कुछ ही मिनटों के भीतर जहर शरीर में फैलने लगा और उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।
आनन-फानन में आस-पास के लोग और परिजन उन्हें नजदीकी शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो दिया, लेकिन किसान की लगातार गंभीर होती हालत को देखते हुए उन्हें धमतरी के एक निजी अस्पताल में तत्काल रेफर कर दिया गया। दुर्भाग्य से, तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान बुजुर्ग किसान ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
विशेषज्ञों की चेतावनी:
“बारिश के मौसम में अत्यधिक पानी भरने के कारण सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले कीड़े अपने बिलों से बाहर आ जाते हैं और सूखी या ऊंचे स्थानों पर शरण लेते हैं। खेतों में घनी घास और कीचड़ के बीच काम करते समय किसानों को पैरों में गमबूट (Gum boots) और हाथों में दस्ताने जरूर पहनने चाहिए।”
बिच्छू के काटने या डंक मारने पर तुरंत क्या करें? (First Aid Tips)
बिच्छू का जहर कुछ ही समय में तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर असर कर सकता है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय नीचे दिए गए प्राथमिक उपचार तुरंत अपनाने चाहिए:
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शांत रहें और प्रभावित स्थान धोएं: सबसे पहले मरीज को शांत रखें, क्योंकि घबराहट से दिल की धड़कन बढ़ती है जिससे जहर तेजी से फैलता है। डंक वाले स्थान को तुरंत साफ पानी और एंटीसेप्टिक साबुन से अच्छी तरह धोएं।
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बर्फ की सिकाई: सूजन को बढ़ने से रोकने और असहनीय दर्द को कम करने के लिए डंक वाली जगह पर कपड़े में लपेटकर बर्फ से सिकाई करें।
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डंक बाहर निकालें: यदि बिच्छू का डंक त्वचा के भीतर ही टूटा हुआ दिखाई दे, तो उसे किसी साफ चिमटी (Tweezers) की मदद से धीरे से बाहर निकाल लें। उसे हाथों से दबाकर निकालने की गलती न करें।
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गंभीर लक्षणों पर नजर: यदि पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ हो रही हो, दिल की धड़कन असामान्य रूप से तेज हो गई हो, मुंह से झाग आ रहा हो या धुंधला दिखाई दे रहा हो, तो बिना एक पल गंवाए उसे नजदीकी आपातकालीन चिकित्सा केंद्र (Emergency Medical Center) लेकर जाएं।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
ग्रामीण इलाकों में अक्सर बिच्छू या सांप के काटने पर लोग झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों के चक्कर में कीमती समय बर्बाद कर देते हैं, जो जानलेवा साबित होता है। धमतरी की यह घटना हमें सचेत करती है कि बारिश के दिनों में प्रकृति के करीब काम करते समय सुरक्षात्मक गियर का उपयोग करें और किसी भी आपात स्थिति में केवल और केवल आधुनिक चिकित्सा पद्धति व डॉक्टरों पर ही भरोसा करें।







