Jhabua Tractor SDM: झाबुआ। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में एक एसडीएम की अनोखी कार्यशैली इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान एसडीएम महेश मंडलोई ने न सिर्फ दबंगों के कब्जे से एक किसान की जमीन मुक्त कराई, बल्कि खुद ट्रैक्टर पर बैठकर किसान के साथ खेत में सोयाबीन की बुआई भी करवाई। इस पहल के बाद इलाके में लोग उन्हें ‘ट्रैक्टर वाले SDM’ के नाम से पुकारने लगे हैं।
यह पूरा घटनाक्रम जिले के कल्याणपुरा में आयोजित ‘आपकी तहसील आपके द्वार’ शिविर के दौरान सामने आया। शिविर में जमीन विवाद और अवैध कब्जों से जुड़ी कई शिकायतें मिलीं, जिन पर एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर तत्काल कार्रवाई की।
दबंगों से मुक्त कराई जमीन, किसान का लौटाया हक
Jhabua Tractor SDM: शिविर के दौरान हीरा खदान क्षेत्र निवासी हवा पिता वजहींग निनामा ने शिकायत की कि सर्वे नंबर 16 और 19 की करीब 0.82 हेक्टेयर कृषि भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है और उन्हें खेती नहीं करने दी जा रही है।
शिकायत मिलते ही एसडीएम महेश मंडलोई तहसीलदार और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने अवैध कब्जा हटवाकर किसान को उसकी जमीन वापस दिलाई। इसके बाद एसडीएम स्वयं ट्रैक्टर पर सवार हुए और किसान के साथ खेत में उतरकर सोयाबीन की बुआई करवाई। प्रशासनिक अधिकारी का यह मानवीय और जमीनी अंदाज देखते ही देखते पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया।
चार बड़े भूमि विवादों का मौके पर हुआ समाधान
Jhabua Tractor SDM: शिविर के दौरान एसडीएम को जमीन और रास्ते से जुड़े चार गंभीर मामलों की शिकायत मिली, जिनका तत्काल निपटारा किया गया।आमली पठार में शासकीय भूमि पर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने अवैध रूप से रखी गई ईंटें हटवाईं। वहीं, शांति भंग करने की कोशिश करने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ पुलिस को धारा 151 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।झरनिया गांव में शासकीय भूमि के रास्ते पर किए गए अवरोध को प्रशासन ने पुलिस की मदद से तत्काल हटवाया, जिससे ग्रामीणों का आवागमन फिर से सुचारु हो सका।कल्याणपुरा में भी रास्ते से जुड़े एक विवाद का मौके पर समाधान कराया गया और रास्ता खुलवाकर ग्रामीणों को राहत दिलाई गई।
शिविर में सैकड़ों आवेदनों का हुआ निराकरण
Jhabua Tractor SDM: ‘आपकी तहसील आपके द्वार’ अभियान के तहत आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। प्रशासन ने मौके पर ही 61 नामांतरण, 13 बंटवारा, 22 अभिलेख दुरुस्ती, 36 जन्म प्रमाण पत्र, 75 फार्मर आईडी और 30 आरओआर (ROR) एंट्री से जुड़े आवेदनों का निराकरण किया।
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प्रशासनिक कार्यशैली की हो रही सराहना
एसडीएम महेश मंडलोई की इस त्वरित और जमीनी कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी प्रशासनिक अधिकारी को किसान के साथ खेत में उतरकर उसकी खेती शुरू करवाते पहली बार देखा गया। इस पहल से न केवल पीड़ित किसान को न्याय मिला, बल्कि आम लोगों का प्रशासन पर भरोसा भी मजबूत हुआ। वहीं, इलाके के दबंगों में भी प्रशासन की सख्त कार्रवाई से हड़कंप मच गया।







