Chandrashekhar Azad: दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव ने प्रदेश की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच मुकाबले के बीच अब आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) भी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतर चुकी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दतिया में अपनी चुनावी रणनीति का खुलासा करते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी दल का वोट काटने नहीं, बल्कि वर्षों से बिखरे हुए बहुजन समाज के वोटों को एकजुट कर मजबूत राजनीतिक शक्ति बनाने के उद्देश्य से चुनाव लड़ रही है।
शनिवार को आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर यादव ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। इस दौरान चंद्रशेखर आजाद भी मौजूद रहे। नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि दतिया का चुनाव उनकी पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसकी तैयारी पिछले तीन महीनों से लगातार की जा रही है।
Chandrashekhar Azad: चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि जैसे ही दतिया विधानसभा सीट रिक्त हुई, अगले ही दिन उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुनाव लड़ने का फैसला लिया। इसके बाद उन्होंने दामोदर यादव को उम्मीदवार बनने का प्रस्ताव दिया। शुरुआत में उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार किया, लेकिन संगठन के आग्रह पर जिम्मेदारी स्वीकार की और उसी दिन से क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों में दामोदर यादव 150 से अधिक गांवों का दौरा कर चुके हैं। किसानों, युवाओं, दलितों, पिछड़ों और आम जनता के बीच लगातार संपर्क किया गया है। यही कारण है कि पार्टी को क्षेत्र में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि यदि आज मतदान हो जाए तो आजाद समाज पार्टी जीत दर्ज कर सकती है।
Chandrashekhar Azad: पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के सवाल पर भी चंद्रशेखर आजाद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी द्वारा कराए गए सर्वे में आजाद समाज पार्टी की स्थिति बेहद मजबूत सामने आई है। उनका दावा है कि भाजपा के आंतरिक सर्वे में भी यह संकेत मिले कि दतिया में आजाद समाज पार्टी का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, जिसके बाद भाजपा ने अपने उम्मीदवार में बदलाव का फैसला लिया।
वोट काटने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि लोकतंत्र में जनता जिसे वोट देती है, वह वोट काटना नहीं बल्कि अपनी पसंद का प्रतिनिधि चुनना होता है। उन्होंने कहा कि आजाद समाज पार्टी किसी दल को नुकसान पहुंचाने नहीं, बल्कि बहुजन समाज को उसकी राजनीतिक ताकत दिलाने के लिए चुनाव लड़ रही है।
Chandrashekhar Azad: उन्होंने भाजपा का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी तमिलनाडु या केरल में चुनाव लड़ती है और वहां सीटें जीतती है, तो कोई यह नहीं कहता कि वह वोट काट रही है। उसी तरह आजाद समाज पार्टी भी लोकतांत्रिक अधिकार के तहत चुनाव लड़ रही है और जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ा रही है।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल दतिया उपचुनाव तक सीमित नहीं है। पार्टी पूरे मध्य प्रदेश में अपने संगठन का विस्तार करना चाहती है और दतिया इस अभियान की शुरुआत है। उन्होंने विश्वास जताया कि उपचुनाव के नतीजे आने के बाद प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिलेंगे।
Chandrashekhar Azad: उन्होंने अंत में कहा कि “हम सत्ता की राजनीति नहीं, समाज की राजनीति करने आए हैं। बहुजन समाज की आवाज को मजबूत करना हमारा लक्ष्य है। 3 तारीख को चुनाव परिणाम आने दीजिए, जनता खुद बता देगी कि वह किसके साथ खड़ी है।”
दतिया उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना ने चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है। अब सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में हैं और नजरें चुनाव परिणाम पर टिकी हुई हैं।







