Wednesday, August 26, 2026
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Chaukse Samaj Election: 30 साल बाद चौकसे समाज में लोकतंत्र का महापर्व, अध्यक्ष पद के लिए प्रहलाद चौकसे और दीपक चौकसे के बीच सीधा मुकाबला; 11 जुलाई को मतदान, शाम तक आएंगे नतीजे

Chaukse Samaj Election: इंदौर। इंदौर के चौकसे समाज में करीब तीन दशक बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया की वापसी होने जा रही है। लगभग 30 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद समाज अपने नए नेतृत्व का चुनाव मतदान के माध्यम से करेगा। यही कारण है कि समाज में इस चुनाव को लेकर अभूतपूर्व उत्साह और उत्सुकता का माहौल बना हुआ है। समाज के वरिष्ठ सदस्यों से लेकर युवा वर्ग तक सभी की निगाहें 11 जुलाई को होने वाले मतदान पर टिकी हैं। लंबे समय बाद हो रहे इस चुनाव को समाज के इतिहास का एक महत्वपूर्ण और यादगार अध्याय माना जा रहा है।

इस बार अध्यक्ष पद के लिए दो मजबूत पैनल आमने-सामने हैं। परिवर्तन पैनल की ओर से प्रहलाद चौकसे चुनाव मैदान में हैं, जबकि सहस्त्रबाहु पैनल ने दीपक चौकसे को अपना प्रत्याशी बनाया है। दोनों उम्मीदवार लगातार समाजजनों के बीच पहुंचकर जनसंपर्क कर रहे हैं और अपने-अपने विजन, योजनाओं एवं प्राथमिकताओं को सामने रखकर समर्थन जुटाने में जुटे हुए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान समाज के विकास, युवाओं की भागीदारी, शिक्षा, सामाजिक उत्थान और संगठन को मजबूत बनाने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं।

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Chaukse Samaj Election: चुनाव समिति द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार मतदान 11 जुलाई को चौकसे धर्मशाला में सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा। इसके बाद मतगणना की जाएगी और उसी शाम चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए समाज की चुनाव समिति ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान स्थल पर व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि समाज के सदस्य बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

करीब 30 साल बाद चुनाव होने के कारण समाज के लोगों में इसे लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। समाज के कई वरिष्ठ सदस्यों का कहना है कि वर्षों बाद उन्हें अपने प्रतिनिधि को वोट देने का अवसर मिल रहा है। उनका मानना है कि लोकतांत्रिक तरीके से चुना गया नेतृत्व समाज को नई दिशा और नई ऊर्जा देगा। वहीं युवा वर्ग भी इस चुनाव को लेकर काफी सक्रिय नजर आ रहा है और बड़ी संख्या में मतदान में भाग लेने की तैयारी कर रहा है।

Chaukse Samaj Election: परिवर्तन पैनल के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार प्रहलाद चौकसे ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि यदि समाज का विश्वास उन्हें मिलता है तो सबसे पहले युवाओं को नेतृत्व में अवसर दिया जाएगा, शिक्षा के क्षेत्र में नई योजनाएं शुरू की जाएंगी, प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की हरसंभव सहायता की जाएगी। इसके साथ ही सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रमों को और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा ताकि समाज के जरूरतमंद परिवारों को राहत मिल सके।

प्रहलाद चौकसे ने कहा कि समाज की एकता, पारदर्शिता और विकास उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि समाज परिवर्तन और विकास के पक्ष में मतदान करेगा तथा उन्हें सेवा का अवसर देगा।

दूसरी ओर सहस्त्रबाहु पैनल के प्रत्याशी दीपक चौकसे भी समाज के विकास, संगठन की मजबूती और सामाजिक गतिविधियों को नई गति देने के वादों के साथ चुनाव मैदान में हैं। दोनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। पिछले कई दिनों से दोनों पैनल लगातार समाजजनों से संपर्क कर अपने पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान विभिन्न बैठकों, संवाद कार्यक्रमों और समाजजनों से मुलाकात का सिलसिला भी लगातार जारी है।

Chaukse Samaj Election: समाज के जानकारों का कहना है कि यह चुनाव केवल अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं है, बल्कि चौकसे समाज के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर भी है। नया नेतृत्व आने वाले वर्षों में शिक्षा, सामाजिक सेवा, युवा सशक्तिकरण, महिला सहभागिता, समाज की आर्थिक उन्नति और संगठन के विस्तार जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लेगा। यही वजह है कि इस चुनाव को समाज के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

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अब पूरे समाज की निगाहें 11 जुलाई को होने वाले मतदान और उसके परिणाम पर टिकी हुई हैं। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना होगी और उसी शाम यह स्पष्ट हो जाएगा कि अगले कार्यकाल के लिए चौकसे समाज की कमान परिवर्तन पैनल के प्रहलाद चौकसे के हाथों में जाएगी या फिर सहस्त्रबाहु पैनल के दीपक चौकसे समाज का नेतृत्व संभालेंगे। करीब 30 साल बाद होने जा रहा यह चुनाव चौकसे समाज के लोकतांत्रिक इतिहास में एक नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

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