Takhatpur Fire Incident: तखतपुर/बिलासपुर। बिलासपुर जिले के तखतपुर नगर स्थित प्रसिद्ध ‘श्री गणेश कॉफी एंड स्वीट्स’ में शुक्रवार को अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की ऊंची लपटों ने पूरे होटल को अपनी आगोश में ले लिया और दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। जब तक दमकल (फायर ब्रिगेड) की गाड़ी मौके पर पहुंची, तब तक व्यापारी का सब कुछ तबाह हो चुका था। इस भयावह हादसे और आपातकालीन सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय नागरिकों व व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा है।
शॉर्ट सर्किट बनी वजह, देखते ही देखते फैलीं लपटें
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, आग लगने की शुरुआती वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। होटल में आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने या अंदर रखा सामान बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिला। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने अपने स्तर पर बाल्टियों और पानी के टैंकरों से आग पर काबू पाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन लपटों की भयावहता के सामने सारे व्यक्तिगत प्रयास नाकाफी साबित हुए।
देर से पहुंची दमकल, बरसों की कमाई मिनटों में खाक
घटना का सबसे दुखद और चिंताजनक पहलू यह रहा कि दमकल वाहन की सुविधा समय पर नहीं मिल सकी। जब तक पड़ोसी क्षेत्र से फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटना स्थल तक पहुंची, तब तक होटल का कीमती फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, फ्रीज, काउंटर और तैयार खाद्य सामग्री पूरी तरह जलकर स्वाहा हो चुके थे। पीड़ित व्यापारी की सालों की मेहनत और जमा पूंजी चंद मिनटों में राख के ढेर में तब्दील हो गई।
दो साल बाद भी अधूरी रही मुख्यमंत्री की घोषणा
इस त्रासदी ने तखतपुर की एक पुरानी और बेहद संवेदनशील समस्या को फिर से उजागर कर दिया है। गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पूर्व राज्य के मुख्यमंत्री ने तखतपुर नगर के लिए स्थायी दमकल वाहन (फायर ब्रिगेड) उपलब्ध कराने की सार्वजनिक घोषणा की थी। हालांकि, प्रशासनिक उदासीनता के कारण दो साल बीत जाने के बाद भी यह व्यवस्था धरातल पर शुरू नहीं हो सकी। तखतपुर में जब भी कोई आगजनी की घटना होती है, तब दमकल की कमी का मुद्दा गरमाता है, लेकिन हादसा शांत होते ही फाइलें फिर दब जाती हैं।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ भड़का गुस्सा
हादसे के बाद तखतपुर के स्थानीय निवासियों और व्यापारिक संघों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया है। नागरिकों का कहना है कि आग जैसी अचानक आने वाली आपदाओं से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड जैसी बुनियादी और जीवनरक्षक सुविधा का न होना प्रशासनिक नाकामी को दर्शाता है। लोगों ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन की सुस्ती का खामियाजा बार-बार आम जनता और छोटे-बड़े व्यापारियों को अपनी संपत्ति गंवाकर भुगतना पड़ रहा है।







