Raigarh Monsoon Alert: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़: छत्तीसगढ़ में सक्रिय मानसून के आगमन के साथ ही संभावित बाढ़, जलभराव और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए रायगढ़ जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। जिले में राहत एवं बचाव कार्यों को सुदृढ़ बनाने तथा मौसमी व जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक उच्च स्तरीय जिला स्तरीय समीक्षा बैठक ली।
इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर निगम, नगर पालिका, राजस्व, स्वास्थ्य, जल संसाधन, विद्युत, पुलिस और नगर सेना (होमगार्ड) सहित सभी संबंधित विभागों की बिंदुवार तैयारियों की समीक्षा की गई और एक अचूक समन्वित कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया।
17 गांवों की विशेष मॉनिटरिंग और शहर के 48 वार्डों में नोडल तैनात
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने दो टूक शब्दों में कहा कि आपदा की स्थिति में किसी भी स्तर पर लापरवाही या विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए निम्नलिखित त्रिस्तरीय व्यवस्था बनाई है:
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हीराकुंड बांध प्रभावित क्षेत्र: हीराकुंड बांध के बैकवॉटर और जलभराव से प्रभावित होने वाले जिले के चिन्हित 17 गांवों की विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी। यहां जलस्तर की निरंतर निगरानी और समय पर सूचना प्रसारण के निर्देश दिए गए हैं।

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शहरी क्षेत्रों का प्रबंधन: रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र के सभी 48 वार्डों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। साथ ही निगम के चारों जोन के लिए विशेष प्रभारियों की तैनाती की गई है। नालों की सफाई, जल निकासी और चिन्हित जलभराव वाले स्थलों पर फ्लड पंपों की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
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राहत शिविर और संसाधन: जिले में उपलब्ध नाव, मोटरबोट, लाइफ जैकेट और रेस्क्यू रस्सियों की भौतिक समीक्षा की गई। बाढ़ की स्थिति में प्रभावितों को ठहराने के लिए स्थानीय सामुदायिक भवनों को पहले से चिन्हित कर वहां राहत सामग्री जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर; डेंगू और सर्पदंश के लिए विशेष निर्देश
बैठक में मौसमी बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग को विशेष हिदायत दी गई है:
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डेंगू पर विशेष फोकस: रायगढ़ शहर के वार्ड क्रमांक 17, 19 एवं 20 को डेंगू के प्रति बेहद संवेदनशील मानते हुए वहां स्थानीय पार्षदों की मदद से व्यापक स्वच्छता और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
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दवाइयों का स्टॉक: सभी प्राथमिक, उप स्वास्थ्य और सामुदायिक केंद्रों में पर्याप्त जेनेरिक दवाइयां और विशेष रूप से बरसात में सर्पदंश (Snake Bite) की घटनाओं को देखते हुए एंटी स्नेक वेनम (Anti Snake Venam) अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखने को कहा गया है।
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आकाशीय बिजली से सुरक्षा: दूरस्थ और पहाड़ी अंचलों में आकाशीय बिजली (गाज) से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा कुनकुनी मार्ग और लैलूंगा के राजपुर पहुंच मार्ग के जलभराव को दूर कर आवागमन सुगम बनाने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए गए हैं।
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था: एसएसपी ने दिए गश्त बढ़ाने के निर्देश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के संवेदनशील और जलभराव वाले इलाकों में पुलिस गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाएं।
एसएसपी का निर्देश: किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति की सूचना मिलते ही पुलिस टीम जिला प्रशासन और नगर सेना के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल मौके पर पहुंचेगी। इसके अतिरिक्त, शहर की सुरक्षा के लिहाज से प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के रखरखाव और आवश्यकतानुसार नए कैमरे लगाने की समीक्षा भी की गई।
24 घंटे संचालित होगी जिला बाढ़ नियंत्रण हेल्पलाइन
बाढ़ या किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय आम नागरिकों की त्वरित सहायता के लिए जिला प्रशासन ने चौबीसों घंटे चालू रहने वाली हेल्पलाइन स्थापित की है। नागरिक किसी भी आपात स्थिति में नीचे दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं:
📞 जिला बाढ़ नियंत्रण हेल्पलाइन नंबर: 07762-223750
(यह केंद्र 24 घंटे चालू रहेगा और यहां कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है।)
विशेष बॉक्स समाचार: रेलवे अंडरब्रिज गंधरी पुलिया में आवागमन प्रतिबंधित
यातायात एडवाइजरी: जन सुरक्षा और मानसून के दौरान जलभराव की गंभीर आशंका को देखते हुए रेलवे प्रशासन और नगर निगम द्वारा रायगढ़ शहर के मध्य स्थित रेलवे अंडरब्रिज (गंधरी पुलिया) को आवागमन के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित (बंद) कर दिया गया है। नगर निगम प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग पर अनावश्यक रूप से जाने से बचें और आवागमन के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें। नियमों का पालन करना जनहित में अनिवार्य है।
इस उच्च स्तरीय बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, सीएसपी श्री मयंक मिश्रा, सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के, निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जगत सहित राजस्व और तकनीकी विभागों के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे।







