MP Police Promotion Update: भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों को लेकर बड़ी प्रशासनिक पहल की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को गति देने के लिए दो उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया है।
इन समितियों का उद्देश्य उप निरीक्षक (SI), सहायक उप निरीक्षक (ASI), प्रधान आरक्षक और अन्य पात्र पुलिसकर्मियों की पदोन्नति प्रक्रिया की जांच, परीक्षण और उसे समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (DGP) की ओर से आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
पहली समिति करेगी पदोन्नति प्रक्रिया की निगरानी
पुलिस मुख्यालय द्वारा गठित पहली समिति की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक (IG) हरिनारायण चारी मिश्र को सौंपी गई है।
समिति में सदस्य के रूप में—
- डीआईजी किरण लता केरकट्टा
- डीआईजी रिचा चौबे
- एआईजी (प्रशासन) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है।
MP Police Promotion Update: यह समिति एसआई, एएसआई, प्रधान आरक्षक सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़े मामलों की समीक्षा करेगी।
SI से इंस्पेक्टर के कार्यवाहक प्रभार के लिए बनी दूसरी समिति
पुलिस मुख्यालय ने उप निरीक्षक (SI) से निरीक्षक (Inspector) के कार्यवाहक प्रभार से जुड़े मामलों की जांच और परीक्षण के लिए अलग से एक छानबीन समिति भी गठित की है।
इस समिति की अध्यक्षता एडीजी के.पी. वेंकटेश्वर राव करेंगे।
समिति में शामिल सदस्य—
- आईजी सुनील पांडे
- डीआईजी डी. कल्याण चक्रवर्ती
- एआईजी अमित सक्सेना
यह समिति पात्र अधिकारियों के मामलों की समीक्षा कर अपनी अनुशंसा प्रस्तुत करेगी।
2026 में नियमित पदोन्नति का रास्ता हुआ साफ
MP Police Promotion Update: जुलाई 2026 में नियमित पदोन्नतियों का रास्ता खुलने के बाद राज्य सरकार के कई विभागों में कार्यवाहक पद पर कार्यरत अधिकारियों को नियमित पदोन्नति दी जा चुकी है। ऐसे अधिकारियों के पदनाम से केवल ‘कार्यवाहक’ शब्द हटाकर उन्हें नियमित पदस्थापना प्रदान की गई है।हालांकि पुलिस विभाग में पदोन्नति की प्रक्रिया अन्य विभागों की तुलना में अधिक जटिल मानी जा रही है।
GOP नियम बन सकते हैं चुनौती
सूत्रों के अनुसार, पुलिस विभाग में लागू GOP (Guidelines on Promotion) के नियमों के कारण कई अधिकारी और कर्मचारी नियमित पदोन्नति से वंचित भी रह सकते हैं।इसी वजह से प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच और पात्रता का परीक्षण आवश्यक माना जा रहा है।
हजारों पुलिसकर्मियों को मिल सकता है लाभ
MP Police Promotion Update: सूत्रों के मुताबिक, पिछले लगभग पांच वर्षों में करीब 5 हजार या उससे अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को कार्यवाहक प्रभार दिया गया था।अब इन समितियों के गठन के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि लंबित पदोन्नति मामलों का जल्द निपटारा होगा और पात्र पुलिसकर्मियों को नियमित पदोन्नति का लाभ मिल सकेगा।
PHQ के आदेश से बढ़ी उम्मीदें
पुलिस मुख्यालय द्वारा गठित इन दोनों समितियों को पुलिस विभाग में लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब प्रदेश के हजारों पुलिस अधिकारी और कर्मचारी इन समितियों की रिपोर्ट और आगामी पदोन्नति आदेशों का इंतजार कर रहे हैं।







