Pandri Cloth Market: रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल ‘पंडरी कपड़ा मार्केट’ में नगर निगम ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की है। पुनीत होटल के पास स्थित ‘प्रकाश ट्रेडिंग’ के बहुमंजिला भवन में नगर निगम की विशेष टीम अचानक जांच के लिए पहुंची। लंबे समय के अंतराल के बाद हुई इस औचक कार्रवाई से कपड़ा बाजार के व्यापारियों और भवन संचालकों में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक पड़ताल में भवन निर्माण और अग्नि सुरक्षा मानकों से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
बिना खिड़कियों की इमारत, 200 कर्मचारियों की सुरक्षा दांव पर
स्थानीय सूत्रों और जांच टीम से मिली जानकारी के अनुसार, प्रकाश ट्रेडिंग की इस बहुमंजिला इमारत में संरचनात्मक स्तर पर भारी लापरवाही देखने को मिली है।
- खिड़कियों का अभाव: यह पूरी बिल्डिंग चारों तरफ से पूरी तरह बंद है और आपातकालीन निकास के लिए पर्याप्त खिड़कियां या वेंटिलेशन तक नहीं बनाए गए हैं।
- कर्मचारियों का जोखिम: इस परिसर में रोजाना लगभग 200 कर्मचारी काम करते हैं।
- आगजनी का बड़ा खतरा: घनी आबादी और व्यस्त व्यावसायिक बाजार के बीच स्थित इस भवन में यदि कभी आगजनी या कोई अन्य आपातकालीन स्थिति बनती है, तो सुरक्षित निकासी (Emergency Evacuation) की कोई व्यवस्था न होने से बड़ा हादसा हो सकता है।

दस्तावेजों और निर्माण नक्शे की बारीकी से जांच
मौके पर मौजूद नगर निगम के अधिकारियों ने भवन से संबंधित निर्माण अनुमति (Building Permission), स्वीकृत नक्शे और सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेजों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। निगम अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) और स्वीकृत निर्माण मानकों का पालन करना अनिवार्य है।
निगम प्रशासन का रुख: “यदि जांच के दौरान भवन निर्माण में स्वीकृत नक्शे का उल्लंघन, अवैध निर्माण या सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाई जाती है, तो भवन मालिक के खिलाफ नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
व्यावसायिक क्षेत्रों में सुरक्षा ऑडिट की मांग तेज
पंडरी कपड़ा मार्केट में रोजाना हजारों की संख्या में व्यापारी, कर्मचारी और ग्राहक खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस बड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने मांग की है कि रायपुर शहर के सभी घने व्यावसायिक क्षेत्रों में बने भवनों की समय-समय पर सुरक्षा जांच और ऑडिट होनी चाहिए।
आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। फिलहाल नगर निगम की टीम मौके पर डटी हुई है और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की दंडात्मक कार्रवाई की दिशा तय होगी।







