Chhattisgarh Liquor Ban: सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के अंतर्गत आने वाले प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विधायक शकुंतला पोर्ते का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंच से जनता को संबोधित करते हुए विधायक ने शराबबंदी और नशामुक्त समाज के निर्माण को लेकर अपनी बेबाक राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि उनके अधिकार में होता, तो वे अपने पूरे विधानसभा क्षेत्र को तुरंत प्रभाव से शराब-मुक्त घोषित कर देतीं।
किसी पर दबाव संभव नहीं, लोग स्वयं आगे आएं: शकुंतला पोर्ते
अपने आत्मीय और गंभीर संबोधन में विधायक शकुंतला पोर्ते ने समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक या कानूनी रूप से किसी व्यक्ति पर यह जबरन दबाव नहीं बनाया जा सकता कि वह मदिरापान का सेवन न करे।
विधायक की अपील: “परिवार और समाज के बेहतर भविष्य के लिए नागरिकों को खुद आगे आकर नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूरी बनानी होगी। लोग बुरी आदतों का त्याग कर सकारात्मक जीवनशैली को अपनाएं।”
नशामुक्त समाज ही विकास की असली नींव
प्रतापपुर विधायक ने इस बात पर जोर दिया कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को तबाह कर देता है। उन्होंने कहा कि यदि एक नागरिक भी सही राह चुनता है और नशे का त्याग करता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे गांव और समाज पर दिखाई देता है। एक मजबूत, शिक्षित और नशामुक्त समाज ही किसी भी क्षेत्र के वास्तविक विकास और उन्नति की आधारशिला होता है।
छत्तीसगढ़ में शराबबंदी पर फिर छिड़ी बहस
विधायक शकुंतला पोर्ते के इस वायरल बयान के सामने आने के बाद राज्य के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में एक बार फिर शराबबंदी और नशा मुक्ति अभियानों को लेकर चर्चा का माहौल गर्म हो गया है। स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध वर्ग द्वारा विधायक के इस संवेदनशील रुख और साहसिक विचारों की काफी सराहना की जा रही है। वहीं क्षेत्र की महिलाओं और सामाजिक संगठनों ने भी नशामुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी बढ़ाने के उनके आह्वान का समर्थन किया है।







