Datia Assembly Bypoll: दतिया| दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पार्टी प्रदेश नेतृत्व लगातार जीत के समीकरणों को साधने में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में दतिया के एक होटल में प्रदेश प्रभारी, वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों और स्थानीय पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठकों का दौर जारी है। इन बैठकों में क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति, जातीय समीकरण, संगठन की मजबूती, संभावित उम्मीदवारों की स्वीकार्यता और चुनावी रणनीति पर विस्तार से मंथन किया जा रहा है। माना जा रहा है कि कांग्रेस जल्द ही अपने अधिकृत उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है।
राजेंद्र भारती के पीछे हटने की चर्चा ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
कांग्रेस के भीतर इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि उन्होंने अपने परिवार की ओर से टिकट की दावेदारी से स्वयं को पीछे कर लिया है। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस खबर ने कांग्रेस के अंदर टिकट की दौड़ को नया मोड़ दे दिया है। माना जा रहा है कि यदि यह चर्चा सही साबित होती है तो पार्टी पूरी तरह नए चेहरे पर दांव लगा सकती है।
अवधेश नायक और घनश्याम सिंह के नाम सबसे आगे
Datia Assembly Bypoll: सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा स्थिति में कांग्रेस की टिकट की दौड़ दो प्रमुख नेताओं के बीच सिमटती नजर आ रही है। ब्राह्मण समाज से आने वाले अवधेश नायक और सेवढ़ा के पूर्व विधायक घनश्याम सिंह सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। पार्टी नेतृत्व दोनों नेताओं के राजनीतिक अनुभव, क्षेत्र में जनाधार, संगठनात्मक सक्रियता और जीत की संभावनाओं का गहन आकलन कर रहा है। कांग्रेस इस बार ऐसा उम्मीदवार उतारना चाहती है जो सभी वर्गों को साथ लेकर चल सके और चुनाव में मजबूत चुनौती पेश कर सके।
जातीय और स्थानीय समीकरणों पर विशेष फोकस
कांग्रेस इस उपचुनाव में कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि टिकट वितरण में केवल वरिष्ठता ही नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। पार्टी यह भी देख रही है कि किस उम्मीदवार की ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बेहतर पकड़ है, संगठन के कार्यकर्ताओं में किसकी स्वीकार्यता अधिक है और कौन भाजपा के खिलाफ मजबूत मुकाबला खड़ा कर सकता है।
आजाद समाज पार्टी की सक्रियता से मुकाबला हो सकता है दिलचस्प
Datia Assembly Bypoll: उधर, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) भी दतिया उपचुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। पार्टी की ओर से दामोदर सिंह यादव संभावित उम्मीदवार के रूप में लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। उनकी सक्रियता के चलते इस बार चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना भी जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो प्रमुख दलों के वोट समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
घनश्याम सिंह बोले- पार्टी का हर फैसला स्वीकार
पूर्व विधायक घनश्याम सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस नेतृत्व जो भी निर्णय करेगा, वह उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य व्यक्तिगत राजनीति नहीं बल्कि कांग्रेस को मजबूत करना है। पार्टी जिस भी उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी, सभी कार्यकर्ता मिलकर उसे जीत दिलाने का प्रयास करेंगे।
जल्द हो सकती है उम्मीदवार की घोषणा
Datia Assembly Bypoll: कांग्रेस संगठन के भीतर चल रहे मंथन को देखते हुए माना जा रहा है कि पार्टी अगले कुछ दिनों में अपने प्रत्याशी के नाम पर अंतिम मुहर लगा सकती है। उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही दतिया विधानसभा उपचुनाव का राजनीतिक माहौल और गर्म होने की उम्मीद है। फिलहाल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें भी पार्टी हाईकमान के फैसले पर टिकी हुई हैं।
बढ़ी राजनीतिक सरगर्मियां
दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों ने अपनी-अपनी रणनीति तेज कर दी है। ऐसे में कांग्रेस का उम्मीदवार कौन होगा, यह फैसला न सिर्फ पार्टी की चुनावी रणनीति बल्कि पूरे उपचुनाव के राजनीतिक समीकरण को भी प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि प्रत्याशी चयन को लेकर जिले की राजनीति में उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है।







