Ramgopal Agrawal EOW Custody:रामगोपाल अग्रवाल EOW हिरासत मामले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसी उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की
रामगोपाल अग्रवाल EOW हिरासत प्रकरण में जांच एजेंसी का कहना है कि कोयला लेवी मामले में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान आरोपी सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी डायरी में कथित रूप से “कांग्रेस भवन” के नाम पर करोड़ों रुपये की एंट्री मिलने का दावा किया गया है। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित रकम किन लोगों तक पहुंची और उसकी भूमिका क्या रही।
रामगोपाल अग्रवाल EOW हिरासत मामले में सिर्फ कोयला लेवी ही नहीं, बल्कि शराब से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और धान से संबंधित मामलों में भी सवाल पूछे जा रहे हैं। जांच अधिकारी विभिन्न दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
बेटे वैभव अग्रवाल से पहले हो चुकी है पूछताछ
रामगोपाल अग्रवाल EOW हिरासत से पहले उनके बेटे वैभव अग्रवाल से भी EOW ने लगातार दो दिनों तक पूछताछ की थी। जांच एजेंसी ने कई दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की। अब इन जानकारियों को रामगोपाल अग्रवाल से पूछे जा रहे सवालों के साथ मिलाकर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
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कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक षड्यंत्र
रामगोपाल अग्रवाल EOW हिरासत पर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से की जा रही है। उनका आरोप है कि पहले केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया गया और अब राज्य की जांच एजेंसी का इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि वह इस मामले में कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बयान
रामगोपाल अग्रवाल EOW हिरासत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कानून से कोई भी व्यक्ति हमेशा बच नहीं सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में अपराध हुआ है तो जांच एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से काम करेंगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में कानून अपना काम कर रहा है।
दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन की हो रही जांच
रामगोपाल अग्रवाल EOW हिरासत के दौरान एजेंसी उनके संपर्कों, बैंकिंग रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि यदि पूछताछ के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल एजेंसी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच आगे बढ़ा रही है।
आगे क्या हो सकता है?
रामगोपाल अग्रवाल EOW हिरासत मामले में आने वाले दिनों में जांच और तेज होने की संभावना है। पूछताछ के बाद यदि पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो एजेंसी कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई कर सकती है। वहीं कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए इसका विरोध कर रही है। अब सभी की नजर जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई और सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हुई है।







