MP News: राम मंदिर के बाद अब बगलामुखी मंदिर में चढ़ावे पर बवाल! निजी खातों में दान लेने के आरोपों से मचा हड़कंप

Rahul Goshwami

Maa Baglamukhi Temple Donation Controversy: मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर दान विवाद अब प्रशासनिक जांच का विषय बन गया है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मंदिर में दान और चढ़ावे को लेकर गंभीर शिकायतें मिलने के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। कलेक्टर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

मां बगलामुखी मंदिर दान विवाद से जुड़ी शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि मंदिर परिसर में एक गैर-शासकीय समिति द्वारा शासकीय प्रबंधन समिति से अलग श्रद्धालुओं से नकद, सोना और चांदी के रूप में दान लिया जा रहा था। आरोप यह भी हैं कि इस दान राशि के लिए निजी बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया और वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया।इन शिकायतों के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं।

तीन सदस्यीय जांच समिति करेगी पड़ताल
मां बगलामुखी मंदिर दान विवाद की जांच के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी.एस. सोलंकी की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। समिति में जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी और नलखेड़ा नगर परिषद की मुख्य नगरपालिका अधिकारी मिन्नी अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है।यह समिति मंदिर परिसर का निरीक्षण करेगी और दान-चढ़ावे की पूरी व्यवस्था की जांच करेगी।

बैंक खाते, रसीदें और दस्तावेज होंगे जांच के दायरे में
मां बगलामुखी मंदिर दान विवाद की जांच के दौरान समिति दान से जुड़ी रसीद पुस्तिकाओं, बैंक खातों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की बारीकी से जांच करेगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किसी अधिकारी, कर्मचारी, मंदिर प्रबंधन या अन्य संबंधित व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध तो नहीं रही।कलेक्टर ने समिति को सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाकर अपनी रिपोर्ट, सुझाव और अनुशंसाओं के साथ सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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संस्कृति मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
मां बगलामुखी मंदिर दान विवाद पर प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि मंदिर के बाहर एक गैर-सरकारी संस्था द्वारा कथित रूप से अवैध वसूली किए जाने की जानकारी सरकार के संज्ञान में आई है।मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियों का शासकीय संस्थाओं से कोई संबंध नहीं है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मंदिरों में होगा नियमित ऑडिट और डिजिटल भुगतान
मां बगलामुखी मंदिर दान विवाद के बाद सरकार ने मंदिर प्रबंधन व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। संस्कृति मंत्री के अनुसार प्रदेश के सभी प्रमुख मंदिरों का हर तीन महीने में ऑडिट कराया जाएगा।इसके साथ ही मंदिरों में डिजिटल पेमेंट की सुविधा शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं द्वारा दिया गया दान पारदर्शी तरीके से दर्ज हो और किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना कम हो सके।

जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं सबकी निगाहें
मां बगलामुखी मंदिर दान विवाद अब प्रदेश का चर्चित मामला बन चुका है। श्रद्धालुओं की नजर इस बात पर है कि जांच समिति की रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं और यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो प्रशासन आगे क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट आने की उम्मीद है।

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