Baloda Bazar SDRF Rescue: बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच सोमवार देर रात एक बेहद दर्दनाक और बड़ा हादसा सामने आया है। जिले के अचानकपुर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारू करने और सुधार कार्य के लिए जा रहे विद्युत विभाग के कर्मचारियों की एक पिकअप गाड़ी तेज बहाव वाले उफनते नाले में बह गई। इस भयानक हादसे में वाहन में सवार तीन कर्मचारियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए तैरकर अपनी जान बचा ली, जबकि उनका एक साथी कर्मचारी अब भी लापता है। आशंका जताई जा रही है कि वह या तो तेज बहाव में बह गया है या फिर पानी के भीतर ही गाड़ी में फंस गया है।
रात 2 बजे खोरसी नाले के उफान में फंसी गाड़ी, 800 मीटर दूर तक बही
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 2:00 बजे घटित हुआ। क्षेत्र में बिजली गुल होने की शिकायत पर विद्युत विभाग की आपातकालीन टीम एक पिकअप वाहन में सवार होकर फॉल्ट सुधारने के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान रास्ते में पड़ने वाला खोरसी नाला भारी बारिश के कारण खतरे के निशान से ऊपर और उफान पर था। रात के अंधेरे में कर्मचारियों ने पानी के तेज बहाव के बीच ही नाले के पुल को पार करने का जोखिम भरा प्रयास किया। लेकिन पानी का दबाव इतना अधिक था कि चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया। देखते ही देखते पिकअप गाड़ी पानी के सैलाब की चपेट में आकर बहने लगी और पुल से करीब 800 मीटर दूर तक चली गई।
तीन साथियों ने तैरकर बचाई जान, प्रशासन ने शुरू किया रेस्क्यू
वाहन के बहने और पानी भरने से मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस संकट की घड़ी में वाहन में मौजूद तीन कर्मचारियों ने हिम्मत नहीं हारी और उफनती लहरों से मुकाबला करते हुए तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाबी हासिल कर ली। हालांकि, उनका चौथा साथी अंधेरे और तेज बहाव के कारण लापता हो गया। सुरक्षित बचे कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और बिजली विभाग के आला अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और लापता कर्मचारी की तलाश के लिए सघन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
लगातार बारिश और तेज बहाव बन रहा चुनौती
मंगलवार सुबह से ही गोताखोरों की मदद से नाले के चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और नाले में पानी का स्तर बढ़ने के कारण राहत और बचाव कार्य में लगी टीमों को भारी दिक्कतों और विधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारी भी घटना स्थल पर डटे हुए हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मानसून के दौरान इस वनांचल और ग्रामीण क्षेत्र के कई नदी-नाले अचानक उफान पर आ जाते हैं, जिससे रपटों और पुलों पर पानी भर जाता है। जिला प्रशासन ने इस दुखद हादसे के बाद एक बार फिर आम जनता और सभी मैदानी कर्मचारियों से सख्त अपील की है कि वे जलभराव वाले रास्तों, कमजोर पुलों और तेज बहाव वाले नालों को पार करने का जोखिम कतई न उठाएं और पूरी सावधानी बरतें। फिलहाल लापता कर्मचारी की तलाश में बचाव अभियान पूरी मुस्तैदी से जारी है।







