Gharghoda Nagar Panchayat: गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (रायगढ़): छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले कार्यालय नगर पंचायत, घरघोड़ा में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। मानसून की शुरुआती बारिश ने ही नगर पंचायत के तमाम दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थिति यह है कि नगर के विभिन्न वार्डों में नालियों का निर्माण बेहद घटिया और निम्न स्तर का कराया गया है, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। स्थानीय नागरिकों ने साक्ष्यों के साथ अब इस पूरे तंत्र के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पहली ही बारिश में बजबजाईं नालियां, राहगीर बेहाल
घरघोड़ा नगर पंचायत में पूर्व में बनाई गई नालियों की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि गंदे पानी की निकासी पूरी तरह ठप है। बारिश शुरू होते ही ये संकरी नालियां पूरी तरह चोक हो जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप नालियों का बजबजाता गंदा पानी, प्लास्टिक और कचरे सहित सड़कों पर फैल रहा है। सड़कों पर फैले मलबे और कीचड़ के कारण पूरे इलाके में भारी दुर्गंध फैल गई है, जिससे न सिर्फ राहगीरों का चलना दूभर हो गया है, बल्कि स्थानीय निवासियों के बीच संक्रामक बीमारियों का खतरा भी पैदा हो गया है।

एक ही सीसी रोड को तीन बार बनाने की ‘परंपरा’! सरकारी धन का बंदरबांट
मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा निर्माण कार्यों की देखरेख और बिलिंग को लेकर हुआ है। नागरिकों का आरोप है कि घरघोड़ा नगर पंचायत में एक अजीबोगरीब ‘परंपरा’ चल रही है। अमूमन एक बार कंक्रीट (CC) रोड का निर्माण होने के बाद वह लंबे समय तक चलती है, लेकिन यहाँ एक ही सीसी रोड को दो से तीन बार निर्माण करना दिखाया जाता है।
निर्माण कार्यों का ठेकेदार चाहे कोई भी हो, लेकिन कार्यों की देखरेख और सत्यापन का जिम्मा कुछ चुनिंदा पार्षदों को ही सौंप दिया जाता है। उन्हीं पार्षदों के निर्णय और आपसी सहमति के आधार पर फर्जी तरीके से बिल और वाउचर तैयार किए जाते हैं, जिसके जरिए सरकारी धन का बड़े पैमाने पर बंदरबांट (घोटाला) किया जा रहा है।
“ईमानदारी से हो जांच, तो खुलेंगे कई राज”
जमीनी हालात नगर पंचायत घरघोड़ा में विकास कार्यों की वास्तविक तस्वीर बयां कर रहे हैं। कई गलियों में निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है, नालियां अधूरी और क्षतिग्रस्त हैं, जबकि चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ऐसे में बरसात के दौरान नालियों का गंदा पानी और कचरा सीधे लोगों के घरों में घुसने की आशंका बढ़ गई है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और रायगढ़ के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि ईमानदारी से जांच हुई, तो नगर पंचायत घरघोड़ा में चल रहे कथित निर्माण घोटाले से जुड़े कई अहम तथ्य और जिम्मेदार चेहरे सामने आ सकते हैं। नागरिकों ने जल्द से जल्द प्रभावी कार्रवाई कर अव्यवस्थाओं को दूर करने की मांग की है।









