Satluj Film Controversy: सतलुज फिल्म विवाद एक बार फिर चर्चा में है। अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 से हटाए जाने के बाद विवाद लगातार गहराता जा रहा है। फिल्म हटने के फैसले पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। इसी बीच दर्शकों के मन में भी कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर रिलीज के कुछ ही समय बाद फिल्म क्यों हटा दी गई।
सतलुज फिल्म विवाद के बीच शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने फिल्म हटाने के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि किसी ऐतिहासिक विषय पर बनी फिल्म को इस तरह लोगों की पहुंच से दूर करना उचित नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार इतिहास से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उन घटनाओं को समझ सकें।
रिलीज के बाद अचानक क्यों हटाई गई फिल्म?
सतलुज फिल्म विवाद इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि फिल्म लंबे समय तक रिलीज का इंतजार करती रही। पहले इसका नाम ‘पंजाब 95’ था। कई साल तक विभिन्न प्रक्रियाओं के कारण इसकी रिलीज टलती रही। बाद में इसे अचानक ZEE5 पर उपलब्ध कराया गया, लेकिन कुछ ही दिनों बाद प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। इससे दर्शकों में हैरानी और उत्सुकता दोनों बढ़ गई।
सेंसर को लेकर क्या सामने आया?
सतलुज फिल्म विवाद में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म के थिएटर रिलीज के दौरान कई बदलाव सुझाए गए थे। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि फिल्म में बड़ी संख्या में कट लगाने की सलाह दी गई थी। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसी वजह से फिल्म लंबे समय तक सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच सकी।
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ZEE5 ने क्या कहा?
सतलुज फिल्म विवाद पर ZEE5 ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए फिल्म को फिलहाल भारत में उपलब्ध नहीं रखा गया है। साथ ही प्लेटफॉर्म ने यह भी कहा कि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार फिल्म को भविष्य में फिर से दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
दिलजीत दोसांझ और निर्देशक का रुख
सतलुज फिल्म विवाद पर दिलजीत दोसांझ ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने संकेत दिया कि फिल्म को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता था। वहीं फिल्म के निर्देशक ने भी उम्मीद जताई कि भविष्य में दर्शकों को यह फिल्म दोबारा देखने का मौका मिलेगा। फिलहाल पूरी टीम आगे की रणनीति पर काम कर रही है।
फिल्म की कहानी क्यों है खास?
सतलुज फिल्म विवाद इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित बताई जाती है। फिल्म में 1990 के दशक के पंजाब से जुड़े घटनाक्रम को दिखाने का प्रयास किया गया है। इसी विषय को लेकर लंबे समय से अलग-अलग स्तर पर चर्चा होती रही है।
आगे क्या होगा?
सतलुज फिल्म विवाद अभी खत्म होता नहीं दिख रहा। फिल्म के OTT से हटने के बाद कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर आगे क्या फैसला होगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। यदि आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होती हैं तो भविष्य में फिल्म दोबारा भारतीय दर्शकों के लिए उपलब्ध कराई जा सकती है। फिलहाल यह मामला फिल्म, सेंसर प्रक्रिया और OTT प्लेटफॉर्म की नीतियों को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है।







