Rewa Farmer Suicide: रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक किसान की आत्महत्या का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि आर्थिक तंगी के चलते किसान ने अपनी जमीन गिरवी रखकर ढाई लाख रुपये उधार लिए थे, लेकिन गिरवीनामा (गहननामा) की जगह कथित तौर पर जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई। न्याय के लिए लगातार शिकायतें करने के बावजूद समाधान नहीं मिलने से परेशान किसान ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ढाई लाख रुपये के लिए गिरवी रखी थी जमीन
Rewa Farmer Suicide: जानकारी के अनुसार, खौर कोठी निवासी सुखलाल साकेत आर्थिक संकट से गुजर रहे थे। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने मयंक तिवारी और उसके सहयोगियों से करीब ढाई लाख रुपये उधार लिए थे। इसके बदले जमीन गिरवी रखने की बात हुई थी, लेकिन बाद में पता चला कि गिरवीनामा के बजाय कथित रूप से जमीन की रजिस्ट्री करवा ली गई।
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शिकायत के बावजूद नहीं मिला समाधान
Rewa Farmer Suicide: परिजनों का कहना है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद सुखलाल साकेत ने संबंधित थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक कई बार शिकायत की, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। परिवार का आरोप है कि इस दौरान आरोपी पक्ष की ओर से लगातार धमकियां भी दी जा रही थीं, जिससे किसान मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगे थे।
सुसाइड नोट छोड़कर उठाया आत्मघाती कदम
Rewa Farmer Suicide: मृतक के बेटे के अनुसार, उनके पिता पिछले कई दिनों से तनाव में थे। सोमवार सुबह उन्होंने कथित तौर पर एक सुसाइड नोट लिखा और उसके बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का दावा है कि सुसाइड नोट में भी उन्होंने अपनी पीड़ा का उल्लेख किया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
Rewa Farmer Suicide: घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों, शिकायतों के रिकॉर्ड और सुसाइड नोट सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।







