Lalgaon Chowki Incharge Case: रीवा (मध्य प्रदेश): महिला संबंधी अपराधों में कमी लाने और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का बड़ा अंतर रीवा जिले में उजागर हुआ है। जिले के गढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली लालगांव पुलिस चौकी में न्याय की उम्मीद लेकर पहुंची एक पीड़ित वृद्धा और उनकी बेटियों के साथ पुलिस द्वारा ही बदसलूकी करने और कोरे कागज पर जबरन दस्तखत कराने के प्रयास का एक अत्यंत गंभीर मामला सामने आया है। हद तो तब हो गई जब इस पूरी घटना का वीडियो बना रही पीड़िता की बेटी पर मौके पर मौजूद एक आरक्षक ने सरेआम हाथ उठा दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
जमीनी विवाद के बाद चौकी पहुंची थी पीड़ित वृद्धा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद विश्वकर्मा परिवार के बीच चल रहे एक पुराने जमीनी विवाद से जुड़ा हुआ है। इस विवाद को लेकर आपस में हुई मारपीट के बाद पीड़ित वृद्धा सुधा विश्वकर्मा न्याय की उम्मीद में अपनी बेटियों साधना विश्वकर्मा और छोटी बेटी के साथ लालगांव पुलिस चौकी पहुंची थीं। पीड़ित वृद्धा का आरोप है कि चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों ने उनकी फरियाद सुनने और निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय, उनके विरोधी पक्ष से कथित रूप से मिलकर काम किया।
पीड़िता के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने उन पर एक कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया, ताकि मामले में जबरन समझौता कराया जा सके। जब वृद्धा की बेटी ने इस अनुचित प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया और कोरे कागज पर दस्तखत करने से साफ मना कर दिया, तो पुलिस ने सख्ती दिखाई।
वीडियो बनाने पर भड़का आरक्षक, किया दुर्व्यवहार
जब पुलिस के इस अनुचित दबाव को देखते हुए पीड़िता की बेटी साधना विश्वकर्मा ने अपने मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, तो वहां मौजूद एक आरक्षक भड़क गया। आरक्षक ने कानून की मर्यादाओं को ताक पर रखकर युवती के साथ मारपीट की और बदसलूकी की।
बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान लालगांव चौकी प्रभारी प्रशांत शुक्ला स्वयं चौकी के भीतर ही मौजूद थे। आरोप है कि मामला तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के डर से बाद में चौकी प्रभारी ने पीड़िता की बेटी के मोबाइल पर फोन करके मामले को सुलझाने का प्रयास भी किया।
इंसाफ के लिए महिला थाना पहुंचीं पीड़ित महिलाएं
पुलिस के इस दमनकारी रवैये के आगे घुटने टेकने के बजाय पीड़ित वृद्धा अपनी बेटियों के साथ सीधे रीवा जिला मुख्यालय स्थित महिला थाने जा पहुंचीं, जहां उन्होंने लालगांव पुलिस चौकी के दोषी स्टाफ और आरक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस पूरे मामले को लेकर हालांकि अभी तक गढ़ थाना अथवा जिला पुलिस प्रशासन का कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। लेकिन, सोशल मीडिया पर आरक्षक द्वारा की गई बदसलूकी का लाइव वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसने क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक हलकों में नागरिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ दी है।






