CEO_Transfer List: रायपुर। राज्य शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, गतिशील और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मंत्रालय स्तर पर एक बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश के आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक और कड़े आदेश के तहत छत्तीसगढ़ के विभिन्न विकासखंडों में पदस्थ जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) का थोक में तबादला कर दिया गया है।
विभाग के अवर सचिव द्वारा हस्ताक्षरित इस नवीन स्थानांतरण सूची में कुल 33 वरिष्ठ और मैदानी अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इस अचानक हुए बड़े फेरबदल से ग्रामीण विकास और पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े प्रशासनिक हलकों में भारी खलबली मच गई है।
चारों प्रमुख संभागों के जनपद प्रभावित, मैदानी कसावट के लिए चली तबादला एक्सप्रेस
आधिकारिक विसर्जन और विभागीय अधिसूचना के अनुसार, इस स्थानांतरण नीति का सीधा प्रभाव प्रदेश के चार सबसे महत्वपूर्ण संभागों— बस्तर, बिलासपुर, रायपुर और सरगुजा की जनपद पंचायतों पर पड़ा है। इन चारों संभागों के अंतर्गत आने वाले दूरस्थ और संवेदनशील जनजातीय क्षेत्रों के विकासखंडों में लंबे समय से जमे या प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप चिन्हित किए गए अधिकारियों को बदला गया है।
मंत्रालय के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि चालू वित्तीय वर्ष और आगामी विकास योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को देखते हुए मैदानी स्तर पर प्रशासनिक कसावट लाना अत्यंत आवश्यक हो गया था, जिसके चलते यह सूची तैयार की गई है।
आदिम जाति विभाग के अवर सचिव ने जारी किया कड़ा आदेश, तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश
जारी किए गए शासकीय आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि स्थानांतरण सूची में शामिल सभी 33 जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को उनकी वर्तमान पदस्थापना से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त (रिलीव) किया जाता है। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे बिना किसी विसंगति या विलंब के अपनी नवीन पदस्थापना वाले जनपदों में पहुंचकर अविलंब अपना पदभार (जॉइनिंग) ग्रहण करें और उसकी रिपोर्ट सीधे मंत्रालय को प्रेषित करें।
इस आदेश के बाद आदिम जाति बहुल क्षेत्रों और विकासखंडों में चल रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और उनके क्रियान्वयन की कमान अब नए अधिकारियों के हाथों में होगी।
प्रशासनिक समन्वय और योजनाओं का सुचारू संचालन है प्राथमिकता
विभागीय जानकारों का मत है कि इस थोक तबादले के पीछे शासन की मंशा नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग और सुदूर सरगुजा अंचल सहित मैदानी रायपुर व बिलासपुर संभागों में शासकीय योजनाओं को नई ऊर्जा देना है। कई जनपदों में जनप्रतिनिधियों और तत्कालीन अधिकारियों के मध्य चल रहे विसंगतिपूर्ण गतिरोधों को दूर करने और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी इस फेरबदल को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आगामी दिनों में कुछ अन्य विभागों, विशेषकर राजस्व और पंचायत ग्रामीण विकास विभाग में भी इसी तरह की बड़ी तबादला सूची आने की प्रबल संभावना व्यक्त की जा रही है।







