Ganja Smuggling: बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती बलरामपुर जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई की गई है। स्थानीय पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर घेराबंदी करके भारी मात्रा में तस्करी किए जा रहे गांजा की एक विशाल खेप को जब्त करने में सफलता हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस बरामद मादक पदार्थ की कीमत करोड़ों रुपए आंकी गई है। पुलिस के अनुसार यह खेप एक बड़े ट्रक में भरकर ओडिशा के सोनपुर से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में संलिप्त दो अंतरराज्यीय तस्करों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बड़ी सफलता के बाद से ही पूरे क्षेत्र के पुलिस महकमे में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
मुख्य बिंदु: मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
यह पूरा मामला बलरामपुर जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा के सोनपुर से एक ट्रक (क्रमांक RJ 14 GU 9078) में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ की तस्करी की जा रही है। शातिर तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए रात के अंधेरे का फायदा उठाकर छत्तीसगढ़ की सीमा पार करने की योजना बनाई थी। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बसंतपुर थाना प्रभारी और साइबर सेल की संयुक्त टीम तुरंत सक्रिय हो गई। पुलिस ने अंतरराज्यीय मार्ग पर तत्काल नाकेबंदी कर आने-जाने वाले सभी भारी वाहनों की सघन चेकिंग शुरू कर दी।
घटना का कारण: तड़के तीन बजे संदिग्ध ट्रक को रोका
पुलिस टीम ने शुक्रवार तड़के लगभग तीन बजे सड़क पर आ रहे एक संदिग्ध ट्रक को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखकर ट्रक चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ाने का प्रयास किया। हालांकि मुस्तैद जवानों ने चारों तरफ से घेराबंदी कर ट्रक को सफलतापूर्वक रोक लिया। इसके बाद पुलिस ने वाहन में सवार दो संदिग्ध व्यक्तियों को नीचे उतारा और उनसे कड़ी पूछताछ शुरू की। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना नाम लोकेश शर्मा और आमिर अंसारी बताया। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और लंबे समय से इस अवैध कारोबार में संलिप्त हैं।
प्रशासन की कार्रवाई: बोरियों से बरामद हुआ दो टन गांजा
संदेह के आधार पर जब पुलिस और साइबर सेल की टीम ने ट्रक के डालडा नुमा हिस्से की बारीकी से जांच की तो अधिकारियों के होश उड़ गए। ट्रक के भीतर गुप्त केबिन बनाकर रखी गईं प्लास्टिक की दर्जनों बोरियां बरामद हुईं। इन बोरियों को खोलने पर उनमें भारी मात्रा में उच्च गुणवत्ता का गांजा भरा हुआ पाया गया। तोल कराने पर बरामद गांजे का कुल वजन लगभग 1941.110 किलोग्राम (करीब दो टन) निकला। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इस भारी खेप की अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तुरंत नशीले पदार्थ और तस्करी में प्रयुक्त ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया।
सुरक्षा व्यवस्था: एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
शुरूआती जांच के आधार पर पुलिस का मानना है कि छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी के खिलाफ अब तक की यह सबसे बड़ी कामयाब कार्रवाई है। बरामद गांजे की इतनी बड़ी मात्रा को देखते हुए पुलिस को इसमें एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट के शामिल होने की पूरी आशंका है। फिलहाल बसंतपुर थाना पुलिस ने दोनों गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट (NDPS Act) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि इस गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके।
भविष्य की रणनीति: सीमावर्ती इलाकों में बढ़ेगी चौकसी
इस बड़ी कामयाबी के बाद बलरामपुर पुलिस ने ओडिशा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। सभी चेक पोस्ट पर चौबीसों घंटे सशस्त्र जवानों की तैनाती के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही संदिग्ध वाहनों की जांच के लिए मेटल डिटेक्टर और खोजी कुत्तों की मदद लेने पर भी विचार किया जा रहा है। अंततः पुलिस महानिरीक्षक ने इस शानदार कार्रवाई को अंजाम देने वाली बसंतपुर पुलिस और साइबर सेल की टीम के लिए नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है। इस कार्रवाई से नशे के सौदागरों के बीच हड़कंप मच गया है।









