Sirgitti Thana: बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में सात वर्षीय दो मासूम बच्चियों से दुष्कर्म के संवेदनशील मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने एक बड़ी और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की है। उन्होंने सिरगिट्टी थाना में पदस्थ उप निरीक्षक (SI) शीतला प्रसाद त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। इसके साथ ही इस पूरे जघन्य मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारी अब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) रश्मित कौर चावला को सौंप दी गई है। इस कार्रवाई के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अपराध और अपराधियों के प्रति किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य बिंदु: परिजनों पर समझौता करने का बनाया दबाव
दरअसल यह पूरा मामला एक चौदह वर्षीय नाबालिग आरोपी द्वारा सात साल की दो मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म किए जाने से जुड़ा हुआ है। इस घिनौने मामले में दोनों पीड़ित बच्चियों की माताओं ने पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब वे अपनी शिकायत दर्ज कराने सिरगिट्टी थाना पहुंची थीं, तब वहां तैनात उप निरीक्षक शीतला प्रसाद त्रिपाठी ने उनकी मदद करने के बजाय उन पर ही समझौता करने का मानसिक दबाव बनाया। पुलिस अधिकारी के इस संवेदनहीन व्यवहार और टालमटोल की नीति से परेशान होकर पीड़ितों के परिजनों ने सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई थी।
घटना का कारण: चॉकलेट खिलाने के बहाने करता था गलत काम
पीड़ित मासूम बच्चियों ने रोते हुए अपने परिजनों को उस खौफनाक आपबीती की पूरी जानकारी दी जिसे सुनकर हर किसी का दिल दहल गया। बच्चियों ने बताया कि आरोपी लड़का उन्हें अक्सर चॉकलेट खिलाने और खेलने के बहाने अपने पास बुलाता था। इसके बाद वह उन्हें एकांत स्थान पर ले जाकर उनके साथ गलत काम करता था। विरोध करने या शोर मचाने पर वह मासूमों को बेरहमी से रस्सी से बांधकर रख देता था। डरी-सहमी बच्चियां काफी समय तक इस जुल्म को सहती रहीं। हालांकि जब उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, तब जाकर उन्होंने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को इस पूरी प्रताड़ना के बारे में बताया।
प्रशासन की कार्रवाई: एसएसपी ने दिए कड़े निर्देश
मामले की संवेदनशीलता और जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने तुरंत कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए पूरी जिम्मेदारी एएसपी रश्मित कौर चावला को सौंप दी है। वरिष्ठ पुलिस कप्तान ने एएसपी को घटनास्थल का निरीक्षण करने और मामले के हर एक पहलू की बारीकी से जांच करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके विपरीत लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। इस कदम से पीड़ित परिवार को अब उचित न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
सुरक्षा व्यवस्था: कोर्ट में जल्द पेश होगा अभियोग पत्र
एसएसपी ने नए जांच अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे इस मामले में समय सीमा के भीतर प्रभावी तफ्तीश पूरी करें। उन्होंने जल्द से जल्द मजबूत अभियोग पत्र (चार्जशीट) तैयार कर माननीय कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं ताकि आरोपी को सख्त सजा मिल सके। इसके साथ ही मामले की प्रगति की निगरानी के लिए हर हफ्ते वीकली रिपोर्ट सीधे कप्तान कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है। पुलिस विभाग अब पीड़ित बच्चियों को हर संभव कानूनी और मानसिक संबल प्रदान करने का प्रयास कर रहा है।
भविष्य की रूपरेखा: कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस सख्त
इस घटना के बाद बिलासपुर पुलिस ने महिला और बाल अपराधों से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात दोहराई है। थानों में आने वाले हर फरियादी की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश सभी थाना प्रभारियों को दिए गए हैं। अंततः पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की त्वरित कार्रवाई से समाज में पुलिस की छवि बेहतर होगी और अपराधियों के हौसले पस्त होंगे। फिलहाल पूरे सिरगिट्टी क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस की टीमें स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।









