Satwas Bullock Cart Race: अनिल उपाध्याय \ देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के सतवास में आयोजित स्वर्गीय नटवर बियानी स्मृति अंतर्राष्ट्रीय बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता ने एक बार फिर ग्रामीण संस्कृति, पशुपालन और लोक परंपराओं की जीवंत तस्वीर पेश की। लगभग 450 वर्ष पुरानी इस परंपरा को देखने के लिए मध्य प्रदेश सहित महाराष्ट्र, पंजाब और तमिलनाडु से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बैलों की रफ्तार, दर्शकों का उत्साह और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने पूरे आयोजन को किसी महाउत्सव का रूप दे दिया।
Satwas Bullock Cart Race: देवास जिले के कन्नौद रोड स्थित तालाब मैदान में बुधवार दोपहर शुरू हुई यह प्रतियोगिता गुरुवार दोपहर तक लगातार 24 घंटे चलती रही। रातभर हजारों दर्शक मैदान और तालाब की पाल पर जमे रहे और बैलगाड़ियों के रोमांचक मुकाबलों का आनंद उठाते रहे।
बुलेट जीतने के लिए रातभर दौड़े बैल
Satwas Bullock Cart Race: प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की 120 बैलगाड़ियों ने हिस्सा लिया। हल्की गाड़ियों को खींचते हुए बैलों की अद्भुत गति और उन्हें नियंत्रित करने वाले चालकों की फुर्ती ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर मुकाबले के साथ तालियों की गड़गड़ाहट और दर्शकों का उत्साह बढ़ता गया।
Satwas Bullock Cart Race: इस प्रतियोगिता की सबसे खास बात यह रही कि 14 वर्ष के युवाओं से लेकर 90 वर्ष तक के बुजुर्गों ने भी इसमें हिस्सा लिया और अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का संदेश दिया।
शेरा-शक्ति बने प्रतियोगिता के असली हीरो
Satwas Bullock Cart Race: फाइनल मुकाबले में मगरिया गांव के पदम पटेल के बैल शेरा-शक्ति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। विजेता को पुरस्कार स्वरूप रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल प्रदान की गई।
प्रतियोगिता के अन्य विजेता इस प्रकार रहे—
प्रथम पुरस्कार (रॉयल एनफील्ड बुलेट): पदम पटेल (मगरिया) – बैल शेरा-शक्ति
द्वितीय पुरस्कार (पल्सर बाइक): काव्यांश पटेल (मगरिया) – बैल टाइगर-बब्या
तृतीय पुरस्कार (होंडा शाइन): प्रहलाद जेवल्या (छोटी हरदा) – बैल चिमनिया-नाथ
चतुर्थ पुरस्कार (इलेक्ट्रिक स्कूटी): रामभरोस जानी (बजवाड़ा) – बैल बब्या-विराट
Satwas Bullock Cart Race: इसके अलावा प्रतियोगिता में सबसे सुंदर बैल जोड़ी को भी विशेष सम्मान दिया गया। बड़कन ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि दिलीप पटेल ने विजेता को 7,100 रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
विजेता बैलों का निकला भव्य विजय जुलूस
Satwas Bullock Cart Race: प्रतियोगिता में जीत हासिल करने के बाद विजेता बैल शेरा-शक्ति का सतवास नगर में बैंड-बाजों और जयघोष के साथ भव्य जुलूस निकाला गया। नगरवासियों ने जगह-जगह बैलों का तिलक कर पुष्पमालाएं पहनाईं और उनके मालिक पदम पटेल का सम्मान किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और बैलगाड़ी प्रेमी इस जुलूस में शामिल हुए, जिससे पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
लोक संस्कृति को संजोने का सफल प्रयास
Satwas Bullock Cart Race: आयोजन के दौरान देर रात जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष चौधरी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य मनोज होलानी भी कार्यक्रम स्थल पहुंचे। आयोजन समिति ने उनका स्वागत किया। उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ग्रामीण परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Satwas Bullock Cart Race: आज के आधुनिक दौर में जहां पारंपरिक खेल धीरे-धीरे विलुप्त हो रहे हैं, वहीं सतवास में उमड़ी हजारों लोगों की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण संस्कृति, पशुपालन और लोक परंपराओं के प्रति लोगों का लगाव आज भी उतना ही मजबूत है। बैलों की रफ्तार, किसानों का जुनून और दर्शकों का उत्साह इस आयोजन को लंबे समय तक यादगार बनाए रखेगा।









