Danganiya Gas Agency: रायपुर। राजधानी रायपुर के डंगनिया इलाके में गैस एजेंसी के मैनेजर से हुई 10 लाख रुपए की सनसनीखेज लूट के मामले का पुलिस ने पूरी तरह से खुलासा कर दिया है। इस बड़ी वारदात को एक शातिर अंतरराज्यीय गैंग के पांच सदस्यों ने मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस की विशेष विंग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के दो मुख्य लुटेरों को दबोचने में कामयाबी हासिल की है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया है। इसके विपरीत गिरोह के तीन अन्य सदस्य अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिनकी तलाश में साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
मुख्य बिंदु: हवाला की रकम समझकर रची गई थी बड़ी साजिश
यह पूरा मामला बीते शनिवार यानी चार जून का है। राजधानी के डीडी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले टाटीबंध इलाके में इस वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि मैनेजर बड़ी मात्रा में हवाला का पैसा लेकर निकलने वाला है। इसी गलतफहमी के कारण उन्होंने मोटी रकम हाथ लगने की लालच में कई दिन पहले से ही पूरी साजिश रच डाली थी। आरोपियों ने लूट के बाद पैसों का आपस में बंटवारा करने की पूरी रूपरेखा भी तैयार कर ली थी।
घटना का कारण: चौबे कॉलोनी से की जा रही थी मैनेजर की रेकी
वारदात के दिन शाम करीब सात बजे टाटीबंध स्थित भारत गैस एजेंसी के मैनेजर श्रवण कुमार साहू दुकान बंद करके नगदी समेटकर घर की ओर निकले थे। उनके बैग में नोटों की गड्डियों के रूप में कुल 10 लाख रुपए भरे हुए थे। शातिर बदमाश चौबे कॉलोनी इलाके से ही लगातार बाइक पर मैनेजर का पीछा कर रहे थे। जैसे ही मैनेजर सुनसान रास्ते पर पहुंचे, वैसे ही पीछे से आए बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें धक्का दिया। इसके परिणामस्वरूप मैनेजर जब तक संभल पाते, तब तक बदमाश उनके हाथ से नोटों से भरा बैग छीनकर पलक झपकते ही रफूचक्कर हो गए।
प्रशासन की कार्रवाई: सीसीटीवी फुटेज की मदद से मिला सुराग
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे शहर में नाकेबंदी की थी। इसके साथ ही पुलिस की टेक्निकल टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के रूट पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में बाइक सवार संदिग्धों का हुलिया और गाड़ी का नंबर स्पष्ट होने के बाद पुलिस ने आरोपियों का रूट मैप तैयार किया। पुलिस का भारी दबाव बढ़ता देख सभी आरोपी ट्रेन और सड़क मार्ग के जरिए उत्तर प्रदेश भाग निकले थे। रायपुर पुलिस के वरिष्ठ कप्तान ने तुरंत एक विशेष टीम को यूपी रवाना किया, जिसने स्थानीय पुलिस की मदद से दो आरोपियों को घेराबंदी कर धर दबोचा।
सुरक्षा व्यवस्था: फरार तीन आरोपियों की सरगर्मी से तलाश
डीडी नगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम अभी भी उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में कैंप कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से लूट की कुछ रकम और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई है। पुलिस अब कोर्ट से इन आरोपियों की पुलिस रिमांड मांगने की तैयारी कर रही है ताकि फरार चल रहे बाकी तीन साथियों के गुप्त ठिकानों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का दावा है कि बहुत जल्द ही इस गिरोह के सभी सदस्य सलाखों के पीछे होंगे और पूरी रकम बरामद कर ली जाएगी।
भविष्य की रणनीति: व्यापारियों और प्रबंधकों की सुरक्षा होगी कड़ी
इस बड़ी वारदात के बाद रायपुर पुलिस ने शहर के सभी पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी और बड़े व्यापारियों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने व्यापारियों से अपील की है कि वे बड़ी रकम का लेनदेन करते समय पूरी गोपनीयता बरतें और यदि संभव हो तो बैंक में कैश जमा करते समय सुरक्षा गार्ड की मदद अवश्य लें। इसके अलावा मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने का भी फैसला लिया गया है। अंततः इस त्वरित और सफल कार्रवाई के लिए रायपुर के व्यापारिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन और साइबर टीम की मुस्तैदी की सराहना की है।









