Balod Land Fraud Case: बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर किए गए एक बड़े फर्जीवाड़े का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने एक ग्रामीण की जमीन के नकली दस्तावेज तैयार कर उसे बेचने का सौदा कर लिया और खरीदार से लाखों रुपये की रकम भी वसूल ली। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि दूसरा आरोपी अभी फरार है।
Balod Land Fraud Case: पुलिस के अनुसार, यह मामला बालोद जिले के लाटाबोड़ गांव का है, जहां निवासी डोमेंद्र कुमार के नाम पर करीब 1 एकड़ 60 डिसमिल जमीन दर्ज है। आरोप है कि नरेंद्र बहादुर सोनी और हरिशंकर गजभिए ने मिलकर इस जमीन की फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर ली और उसे अपनी बताकर बेचने की साजिश रच डाली।
15 लाख रुपये में कर दिया जमीन का सौदा
Balod Land Fraud Case: आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन का सौदा कमला वर्मा नामक महिला से 15 लाख रुपये में तय कर लिया। भरोसा दिलाने के लिए उन्होंने जमीन से जुड़े नकली दस्तावेज भी दिखाए। सौदा पक्का करने के नाम पर आरोपियों ने महिला से 1 लाख 50 हजार रुपये एडवांस भी ले लिए।
शक होने पर खुला पूरा फर्जीवाड़ा
Balod Land Fraud Case: कुछ समय बाद खरीदार को जमीन के दस्तावेजों और सौदे की प्रक्रिया पर संदेह हुआ। इसके बाद जब कागजातों की जांच कराई गई तो सामने आया कि ऋण पुस्तिका पूरी तरह फर्जी है और जिस जमीन का सौदा किया गया है, उसका वास्तविक मालिक कोई और है। जांच में पता चला कि असली भूमि स्वामी डोमेंद्र कुमार हैं और उन्हें इस पूरे सौदे की कोई जानकारी तक नहीं थी।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
Balod Land Fraud Case: धोखाधड़ी की शिकायत मिलने के बाद बालोद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नरेंद्र बहादुर सोनी (40 वर्ष) निवासी ग्राम खैरतराई को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
दूसरे आरोपी की तलाश जारी
Balod Land Fraud Case: पुलिस के मुताबिक इस मामले में शामिल दूसरा आरोपी हरिशंकर गजभिए फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जमीन खरीदने वालों के लिए चेतावनी
Balod Land Fraud Case: पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जमीन खरीदने से पहले सभी दस्तावेजों की राजस्व विभाग से जांच अवश्य कराएं। बिना सत्यापन के किसी भी प्रकार का भुगतान न करें, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।









