Telibandha Talab: रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) में समाज की आराध्य देवी माता तेलीन दाई की भव्य मूर्ति निर्माण और स्थापना की मांग तेज हो गई है। शहर जिला साहू संघ रायपुर के तत्वावधान में शुक्रवार को सामाजिक पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर ग्रामीण के विधायक मोतीलाल साहू और एमआईसी सदस्य अमर गिदवानी से मुलाकात की। इस दौरान संघ ने तालाब परिसर में मूर्ति के शीघ्र निर्माण की मांग को लेकर एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा और इसे समाज की अस्मिता व सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा बेहद संवेदनशील विषय बताया।
यह पूरा अभियान शहर जिला साहू संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष दिलीप साहू के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। कार्यवाहक अध्यक्ष ने इस मौके पर कहा कि तेलीबांधा तालाब रायपुर शहर की ऐतिहासिक धरोहर होने के साथ-साथ साहू समाज की पहचान का भी प्रतीक रहा है। तालाब के सौंदर्यीकरण के साथ ही यहाँ माता तेलीन दाई की प्रतिमा स्थापित होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी गौरवशाली संस्कृति और इतिहास से रू-ब-रू हो सकें। समाज ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए नगर निगम और प्रशासन को बिना किसी प्रशासनिक देरी के इस मूर्ति निर्माण कार्य को हरी झंडी देनी चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के इस विशेष अवसर पर साहू समाज की एकजुटता और भारी संख्या बल देखने को मिला। राजधानी रायपुर के विभिन्न वार्डों से आए साहू समाज के पार्षद गण, शहर जिला साहू संघ रायपुर के वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न परिक्षेत्रों के अध्यक्ष, वार्डों के स्थानीय पदाधिकारी सहित युवा प्रकोष्ठ और महिला प्रकोष्ठ के नेता इसमें शामिल हुए। समाज के सैकड़ों की संख्या में आए प्रबुद्धजनों और सामाजिक बंधुओं ने एक सुर में इस मांग का समर्थन किया और कहा कि यह केवल एक मूर्ति का निर्माण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी की लोक संस्कृति का सम्मान है।
प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर ज्ञापन लेने के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव और महापौर मीनल चौबे ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि इस मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों से तकनीकी और सौंदर्यीकरण के पहलुओं पर चर्चा कर जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। विधायक मोतीलाल साहू ने भी समाज की इस मुहिम को जायज ठहराते हुए विधानसभा स्तर पर और नगर निगम के भीतर इस कार्य को प्राथमिकता से स्वीकृत कराने का भरोसा दिया है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि इस दिशा में जल्द ही जमीनी कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो आगामी रणनीति तय कर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।








