Tribal Hostel Issue: रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को अनुसूचित जाति और जनजाति (SC/ST) हॉस्टल की मूलभूत समस्याओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के नेतृत्व में छात्रों ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ट्राइबल हॉस्टल में लंबे समय से व्याप्त जर्जर भवन और भीषण जल संकट से परेशान छात्र अपनी मांगों को लेकर स्थानीय सांसद जनार्दन मिश्रा को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। हालांकि, कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस बल ने प्रदर्शनकारी छात्रों को रास्ते में ही रोक लिया, जिसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। सिविल लाइन इलाके में बैरिकेडिंग कर छात्रों के मार्च को रोका गया। प्रदर्शनकारी छात्रों का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का कहना था कि ट्राइबल हॉस्टल की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। भीषण गर्मी के इस मौसम में छात्रों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है, वहीं हॉस्टल की इमारत इतनी जर्जर है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बार-बार शिकायत के बाद भी जिम्मेदार विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा था, जिसके चलते उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मौके पर पहुंचे तहसीलदार यतीश शुक्ला ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से चर्चा की और प्रशासनिक मुस्तैदी का भरोसा दिलाया। तहसीलदार ने बताया कि ट्राइबल हॉस्टल की मरम्मत और मेंटेनेंस कार्य के लिए विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। इस टेंडर को दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही हॉस्टल की जर्जर बिल्डिंग को सुधारने और पानी के संकट को दूर करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
प्रशासनिक आश्वासन के बाद छात्रों ने पुलिस और प्रशासन को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के दौरान छात्र नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा यानी 15 जून के बाद हॉस्टल में काम शुरू नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) रितु उपाध्याय ने बताया कि छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से रोककर अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन दिलवाया गया है। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह बनी हुई है।









