CBSE Chairman Transfer: नई दिल्ली में CBSE की ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) व्यवस्था को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सरकार ने CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है। साथ ही OSM सेवा से जुड़े टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति गठित की गई है।
CBSE Chairman Transfer: इस पूरे मामले में एक और अहम घटनाक्रम तब सामने आया जब 12वीं कक्षा के छात्र सार्थक सिद्धांत को संसद की स्थायी समिति के सामने अपनी बात रखने के लिए बुलाया गया। यह पहली बार माना जा रहा है कि किसी छात्र को सीधे संसदीय समिति के समक्ष अपनी शिकायत और शोध प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
CBSE Chairman Transfer: इसी बीच CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक की भी जानकारी सामने आई है। बोर्ड के अनुसार, कुछ ही मिनटों में पोर्टल पर लाखों बार एक्सेस करने की कोशिश की गई। साथ ही सिस्टम की फाइलों तक बिना अनुमति पहुंचने के प्रयास भी किए गए। हालांकि, तकनीकी चुनौतियों के बावजूद पोर्टल काम करता रहा और हजारों छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया।
CBSE Chairman Transfer: दरअसल, CBSE ने 13 मई को 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी किए थे। इस बार पहली बार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली के जरिए किया गया था। परिणाम घोषित होने के बाद कई छात्रों ने अपने अंकों को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद इस नई व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर चर्चा शुरू हो गई।
CBSE Chairman Transfer: रांची के 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने इस मामले में विस्तृत अध्ययन किया। उन्होंने CBSE के सैकड़ों दस्तावेजों की जांच कर OSM प्रणाली और टेंडर प्रक्रिया में कथित खामियों की ओर ध्यान दिलाया। उनका दावा है कि उन्होंने इस व्यवस्था में कई तकनीकी और प्रक्रियागत कमियां चिन्हित की हैं। संसदीय समिति के समक्ष उन्होंने इन्हीं बिंदुओं को रखा।
CBSE Chairman Transfer: संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बताया कि छात्र द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और CBSE के जवाबों का अध्ययन किया जाएगा, जिसके बाद समिति अपनी राय और सिफारिशें दे सकती है।
CBSE Chairman Transfer: इस मामले में दिल्ली के छात्र वेदांत श्रीवास्तव का नाम भी चर्चा में है। उन्होंने अपने फिजिक्स विषय के अंकों पर सवाल उठाए थे। पुनर्मूल्यांकन के दौरान उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिका देखने का मौका मिला, जहां कथित तौर पर मूल्यांकन संबंधी त्रुटियां सामने आईं। बाद में बोर्ड ने कुछ मामलों में गलती स्वीकार करते हुए सुधारात्मक कदम उठाए।
CBSE Chairman Transfer: विवादों के केंद्र में रही COEMPT एडुटेक कंपनी भी जांच के दायरे में है। यह कंपनी विभिन्न राज्यों में डिजिटल मूल्यांकन सेवाएं उपलब्ध कराती है। इससे पहले भी कुछ राज्यों में परीक्षा परिणामों और डेटा प्रोसेसिंग को लेकर इस कंपनी पर सवाल उठ चुके हैं। अब CBSE से जुड़े टेंडर को लेकर भी इसकी भूमिका की जांच की जाएगी।
CBSE Chairman Transfer: पिछले कुछ दिनों में इस मामले से जुड़े कई घटनाक्रम सामने आए हैं। परिणाम घोषित होने के बाद शिकायत निवारण पोर्टल बार-बार तकनीकी समस्याओं का सामना करता रहा। छात्रों की बढ़ती शिकायतों के चलते आवेदन की तारीखें भी बढ़ानी पड़ीं और तकनीकी सहायता के लिए विशेषज्ञ संस्थानों की मदद ली गई।
CBSE Chairman Transfer: शिक्षा से जुड़े मामलों की समीक्षा करने वाली संसदीय स्थायी समिति में लोकसभा और राज्यसभा के कुल 31 सांसद शामिल हैं। यह समिति पहले भी विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं और परीक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर चुकी है। अब CBSE की ऑन स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था और उससे जुड़े विवादों की भी गहन जांच की जा रही है।
CBSE Chairman Transfer: फिलहाल छात्रों और अभिभावकों की नजर इस जांच पर टिकी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि OSM प्रणाली में वास्तव में कोई खामी थी या नहीं, और भविष्य में बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।









