Kanker Blind Murder Case: कांकेर ब्लाइंड मर्डर केस में पुलिस ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया है, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। बांदे थाना क्षेत्र में मिले एक युवक के शव की जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने इस मामले को साधारण मौत से हत्या की साजिश में बदल दिया। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है।
कांकेर ब्लाइंड मर्डर केस की शुरुआत तब हुई जब दल्लीराजहरा निवासी मुकेश विश्वास का शव बांदे थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। घटनास्थल पर मिले कुछ निशानों ने पुलिस का ध्यान खींचा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण करंट लगना बताया गया, लेकिन शुरुआती जांच में स्पष्ट सबूत नहीं मिलने से मामला उलझा रहा।
पुलिस ने फिर शुरू की जांच
कांकेर ब्लाइंड मर्डर केस में कोई ठोस सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने विशेष टीम बनाकर जांच को आगे बढ़ाया। तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की गई, जिसमें मृतक के पारिवारिक और सामाजिक संबंधों की भी पड़ताल की गई।
जांच में सामने आए नए तथ्य
कांकेर ब्लाइंड मर्डर केस की जांच के दौरान पुलिस को मृतक की पत्नी और एक अन्य व्यक्ति के बीच संबंधों की जानकारी मिली। जांच में यह भी सामने आया कि मृतक को इस बारे में जानकारी थी और परिवार में विवाद की स्थिति बनी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या की आशंका के तहत आगे बढ़ाया।
Read more : CG Jobs: रायपुर में दिव्यांगों के लिए 5 जून को विशेष रोजगार मेला, 30 हजार तक सैलरी
हत्या की साजिश का आरोप
कांकेर ब्लाइंड मर्डर केस में पुलिस का आरोप है कि मृतक को एक योजना के तहत बुलाया गया। जांच के अनुसार उसे एक खेत तक ले जाया गया, जहां कथित रूप से शराब पिलाई गई। पुलिस का दावा है कि इसके बाद करंट लगाकर उसकी हत्या की गई और मामले को दुर्घटना जैसा दिखाने की कोशिश की गई।
चार आरोपी गिरफ्तार
कांकेर ब्लाइंड मर्डर केस में पुलिस ने मृतक की पत्नी, उसके कथित प्रेमी और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई। सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
अदालत में साबित होने बाकी हैं आरोप
कांकेर ब्लाइंड मर्डर केस में पुलिस ने भले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हो, लेकिन सभी आरोप न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही अंतिम रूप से दोष तय होगा। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।









