Saturday, September 5, 2026
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Uniform Civil Code MP: ‘अब भिन्न-भिन्न पारिवारिक व धार्मिक मतों की जरूरत नहीं’; यूसीसी को लेकर बोले सीएम डॉ. मोहन यादव

Uniform Civil Code MP: भोपाल। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को लागू करने की दिशा में मोहन यादव सरकार ने कदम तेजी से आगे बढ़ा दिए हैं। राजधानी भोपाल में इस अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय पर बड़ा बयान देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता को वैधानिक रूप से धरातल पर उतारा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार द्वारा एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन पहले ही किया जा चुका है और सरकार ने इसे अमलीजामा पहनाने की विभागीय प्रक्रिया भी पूरी तरह शुरू कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में बनी समिति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समिति के कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि यूसीसी के प्रारूप को तैयार करने के लिए देश की शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में विभिन्न कानूनी और सामाजिक विद्वानों को मिलाकर एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। यह समिति वर्तमान में प्रदेश के अलग-अलग जिलों का सघन दौरा कर रही है। समिति द्वारा विभिन्न धर्मों, पंथों और सामाजिक संगठनों के प्रमुखों व प्रबुद्ध नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर उनके बहुमूल्य सुझाव और आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं। समिति की अंतिम रिपोर्ट का संकलन होते ही इसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।

बहनों के तलाक और पारिवारिक परंपराओं में एकरूपता जरूरी सूबे के मुखिया ने समान नागरिक संहिता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा, “आज के बदलते परिवेश में धार्मिक, सामाजिक और पारिवारिक रूप से भिन्न-भिन्न मतों या कानूनों की कोई आवश्यकता नहीं है। हमारे राज्य में चाहे बहनों के तीन तलाक या भरण-पोषण के मामले हों, चाहे पारिवारिक परंपराएं या उत्तराधिकार के नियम हों, अब वैधानिक और सामाजिक रूप से इनमें किसी भी प्रकार के बिखराव या भिन्नता की जरूरत नहीं है। वर्तमान समय की मांग है कि हम सब मिलकर एक समान और प्रगतिशील कानून यानी यूसीसी की ओर बढ़ें।” उन्होंने रेखांकित किया कि उत्तराखंड, गुजरात और असम जैसे राज्यों के बाद मध्यप्रदेश देश के उन सबसे अनुकूल राज्यों में से एक है, जहां इसे तत्काल लागू होना चाहिए।

जनता के लिए लॉन्च हुई वेबसाइट, मुख्यमंत्री ने की सुझाव देने की अपील डॉ. मोहन यादव ने इस कानून को पूरी तरह सर्वसमावेशी बनाने के लिए आम जनता की भागीदारी को बेहद जरूरी बताया है। उन्होंने जानकारी दी कि यूसीसी को लेकर सरकार द्वारा एक विशेष आधिकारिक वेबसाइट (पोर्टल) भी लॉन्च की गई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता से आत्मीय अपील करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग के लोग, बुद्धिजीवी और युवा इस वेबसाइट पर जाकर अपने विचार, सुझाव और राय अनिवार्य रूप से साझा करें, ताकि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के हितों को भी इस कानून में समाहित किया जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनकल्याणकारी विजन को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार इस ऐतिहासिक कानून को अमलीजामा पहनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

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