Chhattisgarh Police Farewell: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। रायगढ़ जिला पुलिस बल के लिए रविवार, 31 मई 2026 का दिन बेहद भावुक और यादगार रहा, जब सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) श्री देव प्रसाद चौहान अपनी 62 वर्ष की अधिवर्षिकी आयु पूर्ण कर पुलिस विभाग से सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुए। अपने चार दशक से भी लंबे और उत्कृष्ट सेवा काल के दौरान उन्होंने अविभाजित मध्य प्रदेश और वर्तमान छत्तीसगढ़ के विभिन्न संवेदनशील थानों में अपनी सेवाएं प्रदान करते हुए पुलिस विभाग की जिम्मेदारियों का अत्यंत निष्ठापूर्वक निर्वहन किया। उनके इस समर्पण को याद करते हुए पुलिस लाइन उर्दना में एक भव्य सेवा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहां संपूर्ण रायगढ़ पुलिस परिवार ने उन्हें अश्रुपूरित और भावभीनी विदाई दी।
आरक्षक के पद से शुरू हुआ था सफर, कई थानों में छोड़ी अमिट छाप मूल रूप से सक्ती जिले के ग्राम बंजारी (चौकी अडभार) के निवासी श्री देव प्रसाद चौहान का पुलिस सेवा में सफर मार्च 1984 में अविभाजित बिलासपुर जिले में बतौर आरक्षक (कांस्टेबल) भर्ती होने के साथ शुरू हुआ था। अपने 42 वर्षों के सेवाकाल में वे कुनकुरी, बगीचा (वर्तमान जिला जशपुरनगर), सारंगढ़, कोसीर (वर्तमान जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़) के अलावा रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़, कोतवाली, तमनार, पूंजीपथरा, जूटमिल, कोतरारोड एवं लैलूंगा जैसे महत्वपूर्ण थानों में विभिन्न पदों पर पदस्थ रहे। वर्तमान में वे थाना लैलूंगा में कार्यरत थे, जहां बीते दिन थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव एवं समस्त स्टाफ ने उन्हें शाल, श्रीफल और स्मृति उपहार भेंट कर उनके सुखमय जीवन की कामना की।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुए सम्मानित, भावुक हुए एएसआई पुलिस लाइन उर्दना में आयोजित मुख्य गरिमामयी समारोह में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रकाश मिश्रा तथा डीएसपी उन्नति ठाकुर द्वारा एएसआई श्री देव प्रसाद चौहान को शाल, श्रीफल एवं विशेष प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए उनका परिवार (धर्मपत्नी, एक पुत्र और दो पुत्रियां) भी विशेष रूप से उपस्थित रहा। समारोह के दौरान मंच से अपनी पुरानी यादों और अनुभवों को साझा करते हुए श्री चौहान भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि खाकी वर्दी में बिताए गए ये वर्ष और सहकर्मियों से मिला सम्मान ही उनके जीवन की सबसे अमूल्य और वास्तविक पूंजी है।
एसएसपी का संदेश: अब पारिवारिक जिम्मेदारियों और शौक को जीने का समय वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने अपने उद्बोधन में श्री चौहान के अनुकरणीय कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की नौकरी केवल एक आजीविका नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और राष्ट्र के प्रति सर्वस्व समर्पण का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कर्तव्य की वेदी पर चौबीसों घंटे तैनात रहने के कारण पुलिसकर्मी जिन पारिवारिक इच्छाओं और व्यक्तिगत रुचियों को समय नहीं दे पाते, अब सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें पूरा करने का स्वर्णिम अवसर आया है। एसएसपी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वे पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा रहेंगे और भविष्य में किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर विभाग सदैव उनके साथ खड़ा रहेगा। कार्यक्रम में रक्षित निरीक्षक अमित सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।








