Jagdalpur News : जगदलपुर: बस्तर जिले के जगदलपुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों में आ गई है। इस बार मामला केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah के बस्तर दौरे से जुड़े निर्माण कार्यों का है। आरोप है कि जिन कामों के लिए विभाग ने बाद में टेंडर जारी किया, वे निर्माण कार्य पहले ही पूरे कराए जा चुके थे। इससे विभाग की निविदा प्रक्रिया और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
Jagdalpur News : PWD उत्तर बस्तर संभाग क्रमांक-1 जगदलपुर द्वारा 17 मई 2026 को निविदा आमंत्रण सूचना जारी की गई थी। इसमें निविदा फॉर्म लेने की अंतिम तिथि 25 मई और टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 28 मई तय की गई थी, जबकि टेंडर खोलने की तारीख 29 मई रखी गई।

लेकिन स्थानीय स्तर पर आरोप हैं कि जिन निर्माण कार्यों के लिए यह प्रक्रिया शुरू की गई, वे पहले ही जमीन पर पूरे हो चुके थे। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब काम पहले से कराया जा चुका था तो टेंडर प्रक्रिया बाद में क्यों शुरू की गई।
अमित शाह के दौरे से जुड़ा मामला
बताया जा रहा है कि 18 मई को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे के दौरान नेतानार CRPF कैंप के पास हेलीपैड निर्माण का काम कराया गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह निर्माण कार्य गृहमंत्री के दौरे से करीब चार दिन पहले ही शुरू हो गया था।
यानी जिस काम के लिए 17 मई को निविदा जारी की गई, उसका काम पहले ही शुरू हो चुका था। इसी बात को लेकर विभाग पर नियमों की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं।

Jagdalpur News : बादल परिसर के रिनोवेशन पर भी सवाल
निविदा में बादल सांस्कृतिक परिसर के रिनोवेशन का भी उल्लेख किया गया है। इसी परिसर में अमित शाह ने सुरक्षा बलों के जवानों का सम्मान किया था और शहीद जवानों के परिजनों से मुलाकात की थी। आरोप है कि यहां भी मरम्मत और रिनोवेशन का काम पहले ही पूरा कर लिया गया था और बाद में टेंडर जारी किया गया। यदि यह सही है, तो पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
Jagdalpur News : चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने का आरोप
मामले को लेकर ठेकेदारों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि विभाग ने कुछ पसंदीदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए यह तरीका अपनाया। आरोप है कि बिना पूरी निविदा प्रक्रिया के कुछ ठेकेदारों से काम कराया गया और बाद में औपचारिकता पूरी करने के लिए टेंडर निकाला गया। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह सरकारी नियमों और विभागीय प्रक्रिया दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
Jagdalpur News : सवाल पूछने पर अधिकारी ने काटा फोन
जब मीडिया ने इस मामले में PWD अधिकारी राजीव बतरा से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कथित तौर पर यह कहते हुए फोन काट दिया कि उनका रिटायरमेंट है और उन्हें परेशान न किया जाए। अधिकारी की इस प्रतिक्रिया ने विवाद को और बढ़ा दिया है।
Jagdalpur News : जांच की मांग तेज
Jagdalpur News : सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य से पहले निविदा प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होता है, ताकि सभी योग्य ठेकेदारों को बराबरी का अवसर मिल सके और काम पारदर्शिता से हो।
Jagdalpur News : लेकिन अगर पहले काम पूरा करा लिया जाए और बाद में टेंडर निकाला जाए, तो इससे पूरी प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ जाती है। अब इस मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।








